रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने देवघर को देश का पहला बैंकिंग साइबर फ्रॉड हॉटस्पॉट घोषित कर दिया है। आरबीआई द्वारा की गई एन्हांस्ड ड्यू डिलिजेंस (EDD) जांच में यह सामने आया कि देवघर में बैंकिंग लेन-देन में असामान्य गतिविधियाँ और साइबर फ्रॉड के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।
जांच के दौरान कई संदिग्ध खातों में भारी रकम के ट्रांजेक्शन पाए गए, जिन्हें मनी म्यूल अकाउंट्स (Money Mule Accounts) के तौर पर चिन्हित किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, देवघर से रोजाना लगभग 30 लाख रुपये की ठगी साइबर फ्रॉड के जरिए की जा रही है। ऐसे 50 से 60 खाते प्रतिदिन फ्रीज किए जा रहे हैं।
RBI ने सभी बैंकों को निर्देश दिया है कि वे देवघर में नए खातों को खोलने से पहले सख्त जांच करें। खासकर उन क्षेत्रों में जहां साइबर फ्रॉड की संख्या ज्यादा है, वहां गहन जांच के बिना नए खाते नहीं खोले जाएंगे।
एसबीआई देवघर के रीजनल मैनेजर प्रशांत कुमार झा ने बताया कि संदिग्ध खातों के लेन-देन पर नजर रखी जा रही है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अब खाता खोलने के लिए ब्रांच मैनेजर की मंजूरी अनिवार्य कर दी गई है।
इस कदम से देवघर में बढ़ते साइबर फ्रॉड की घटनाओं को रोकने और ग्राहकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की उम्मीद है।
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