पटना/भास्कर नाथ मिश्र
सिटिहलचल न्यूज। बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर राज्य के दोनों गठबंधनों में एक ओर जहां सीट शेयरिंग को लेकर सांसें अटकी हुई हैं, वहीं, दूसरी ओर सीटिंग विधायकों की सांसें टिकट मिलेगा या कट जाएगा इसको लेकर अटकी हुई है। खासकर एनडीए इस बार अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव करने जा रही है। सूत्रों का कहना है कि पार्टी में इस दफा 30 से ज्यादा वर्तमान विधायकों के नाम कट सकते हैं। इनमें सबसे ज्यादा संख्या चंपारण के इलाके से बताए जा रहे हैं
पश्चिम और पूर्वी चंपारण के 4 विधायकों को लेकर बेहतर फीडबैक नहीं है। वहीं मधुबनी, दरभंगा, गोपालगंज, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, पटना और भोजपुर से आने वाले कुछ विधायकों को भी बेटिकट किया जा सकता है। भाजपा सूत्रों के अनुसार केंद्रीय नेतृत्व से लेकर प्रदेश भाजपा नेतृत्व ने इस बार चुनाव में उम्मीदवारों के चयन को लेकर सबसे बड़ा फैक्टर 'जीत' को रखा है
उदाहरण के लिए आरा से अमरेन्द्र प्रताप सिंह, बडहरा से राघवेन्द्र प्रताप सिंह, मुंगेर से प्रणव कुमार सिंह, बेगूसराय से कुंदन कुमार सिंह, हाजीपुर, अमनौर, प्राणपुर, परिहार, बेतिया, समस्तीपुर, अररिया और सीमांचल क्षेत्र की कई सीटों पर भाजपा उम्मीदवार बदल सकती है। सूत्रों के मुताबिक ऐसे विधायक जिनकी उम्र 70 प्लस हो चुकी है और क्षेत्र में उनकी सक्रियता नहीं है तो ऐसे में उनके टिकट पर भी खतरा है।



Post a Comment