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पूर्णिया इंजीनियरिंग कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य डॉ मनोज कुमार के खिलाफ निगरानी विभाग ने अवैध उगाही के विरूद्ध शुरु किया जांच

पूर्णियाँ /बालमुकुन्द यादव 

पूर्णिया अभियंत्रण महाविद्यालय में लैब , फर्नीचर के लिए खरीदारी में वित्तीय अनियमितता की बातें सामने आई हैं। खरीदारी के साथ-साथ अन्य कई तरह के अनियमिता सामने आए हैं । परिवारवादकर्ता श्री लालकृष्ण आडवाणी के द्वारा निगरानी विभाग को लिखे गए पत्र के आलोक में निगरानी विभाग एवं विज्ञान प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के संयुक्त टीम के द्वारा जांच शुरू की गई है परिवारवादकर्ता का आरोप है कि पूर्णिया अभियंत्रण महाविद्यालय पूर्णिया  के द्वारा GEM के माध्यम से Contract Number-GEMC-511687752351849 दिनांक-11 Dec 2024  को Promark Two Seater Classroom Desking की प्रति मूल्य 13984.32 रुपया की दर से 70-आइटम की कुल मूल्य-9,78,902 रुपए में खरीदी


जबकि राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय सिवान के द्वारा GEM के माध्यम से Contract Number-GEMC-511687766314448 , दिनांक-13 Sep 2024  को Promark Two Seater Class Room Desking प्रति मूल्य 9,799.2 रुपया की दर से 100-आइटम की कुल मूल्य-9,79,920 रुपए में खरीदी गई ।दोनों ही कॉलेज एक ही समान अलग-अलग दर से खरीद रहे है । पूर्णिया अभियंत्रण महाविद्यालय पूर्णिया के द्वारा करीब  2,92,958 रुपये अधिक भुगतान किया गया है ।संस्थान में आउटसोर्सिंग पर कार्य कर रहे गार्ड एवं सफाई कर्मी एजेंसी को संस्थान के द्वारा प्रत्येक महीना ₹12000 प्रति कर्मी भुगतान किया जाता है परंतु गार्ड एवं सफाई कर्मी के पासबुक को जब खंगाला गया तो केवल 7500 रुपया ही मिल रहा है

पूर्णिया अभियंत्रण महाविद्यालय पूर्णिया के  द्वारा GEM के माध्यम से Contract Number- GEMC-511687752882079 दिनांक-24 Oct  2024  को  LG Professional Large Format Display Size 216cm wifi screen share Hotspot screen Model- 86UR640S की प्रति मूल्य 4,49,998 रुपया की दर से 1-आइटम की कुल मूल्य-4,49998 रुपए में खरीदी गई । जबकि इस प्रोडक्ट का बाजार मूल्य केवल 2,90,000 रुपए है ।संस्थान में जिस किसी भी वस्तुओं /सामानों की खरीदारी की जाती है उसका मूल्य नजदीकी बाजार मूल्य से 3 से 4 गुना रेट पर खरीदा जाता है ।  दो निम्न वर्गीय लिपिक नियमित एवं योग्य है किंतु कई महत्वपूर्ण कार्य तथा CFMS Maker , स्थापना, हॉस्टल कैश बुक ,स्टोर इत्यादि का कार्य संस्थान के संविदा क्लर्क अथवा गेस्ट Instructor, आउटसोर्सिंग व्यक्तियों के द्वारा करवाया जाता है ।प्राचार्य मनोज कुमार सिंह ने भुगतान में वित्तीय अनियमितता के आरोप से इनकार करते हुए कहा कि गाइडलाइन के आलोक में भुगतान किया गया है। यहां आकर देख सकते हैं।

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