पूर्णिया जिले के डगरूआ प्रखंड क्षेत्र के ग्राम दसपत्तर पंचायत चापी वार्ड नंबर 14 से ताल्लुक रखने वाले शौकत आलम, जो मजदूरी करने गुजरात गए थे, उनकी मौत ने पूरे इलाके को दहला दिया है। बताया जाता है कि शौकत आलम अपने मामा-ससुर के साथ करीब 14 दिन पहले ही गुजरात के बोराडा शहर मजदूरी करने गए थे। अचानक उनकी मौत की खबर आई, जिससे पूरे परिवार और गांव में मातम छा गया।मृतक के पिता रमजान आलम और भाई दिलकश आलम ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि शौकत आलम की शादी कुछ ही महीने पहले बायसी प्रखंड की रहने वाली युवती चांदनी से हुई थी। लेकिन शादी के बाद से ही परिवार में तनाव की स्थिति बनी हुई थी। परिजनों का आरोप है
कि मृतक की पत्नी चांदनी और उसके परिजनों ने सुनियोजित तरीके से शौकत आलम की हत्या करवाई है।मृतक के मामा नूर मोहम्मद और मोहम्मद अफजल, जो गुजरात में ही रहते हैं, ने भी इसे पूरी तरह साजिश बताया है। उनका कहना है कि गुजरात पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम तो कराया, लेकिन इस दौरान परिजनों को डराया-धमकाया गया और सच्चाई को छिपाने की कोशिश की गई।इधर, मृतक के ससुर मोहम्मद आफाक का बयान सामने आया है। उन्होंने बताया कि हमें फोन पर सूचना मिली कि शौकत ने फांसी लगा ली है। जब हम मौके पर पहुंचे, तब तक शव को उतार दिया गया था। बाद में मृतक के भाई और अन्य परिजन भी पहुंचे, लेकिन तब तक स्थिति पूरी तरह बदल चुकी थी।मृतक की पत्नी चांदनी ने स्वीकार किया कि घटना वाले दिन उसकी शौकत से फोन पर बहस हुई थी
उसने यह भी बताया कि बायसी प्रखंड के घुसकी टोला का रहने वाला शाहिद नामक युवक लंबे समय से उसके पीछे पड़ा था। इसी वजह से पति-पत्नी के बीच तनाव रहता था और शौकत अक्सर गुस्से में रहते थे।मृतक के भाई दिलकश आलम ने साफ तौर पर कहा है कि उनके भाई की मौत आत्महत्या नहीं, बल्कि हत्या है। उनका आरोप है कि पत्नी के प्रेमी और ससुराल वालों की मिलीभगत से शौकत आलम को फांसी के फंदे से मारकर हत्या की गई है।अब यह मामला पूरी तरह जांच का विषय है। परिजनों ने गुजरात पुलिस से निष्पक्ष जांच की मांग की है और साफ कहा है कि जब तक सच्चाई सामने नहीं आती, तब तक वे चैन से नहीं बैठेंगे। गांव के लोग भी इसे एक रहस्यमयी मौत मान रहे हैं और न्याय की गुहार लगा रहे हैं।



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