पटना/रंजीत डे
भाकपा-माले के महासचिव का. दीपंकर भट्टाचार्य ने पटना शहर में माले और लाल झंडे को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का आह्वान किया. उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेता, पटना नगर निगम कामगार यूनियन के पूर्व महासचिव और वैशाली पाटलिपुत्र कर्मचारी एवं पदाधिकारी का. जगदेव महतो की स्मृति में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में उक्त बातें कहीं.यह श्रद्धांजलि सभा पटना के चितकोहरा स्थित विष्णुपुरी में आयोजित की गई. भाकपा-माले और ऐक्टू द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित इस कार्यक्रम में पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और का. जगदेव महतो के परिजन उपस्थित थे. मंच पर का. दीपंकर भट्टाचार्य के साथ पार्टी के वरिष्ठ नेता का. स्वदेश भट्टाचार्य, अमर, प्रभात चौधरी, आर.एन. ठाकुर, के.डी. यादव, मीना तिवारी, शशि यादव, और का. जगदेव महतो की पत्नी रत्ना कला, गोपाल रविदास, मंजू प्रकाश, सरोज चौबे उपस्थित थे. कार्यक्रम का संचालन ऐक्टू नेता का. रणविजय कुमार ने की उनके परिवार के अन्य सदस्यों में पुत्र रोहित, दामाद पंकज, और नातिन काजल उपस्थित रहे. सभा को संबोधित करते हुए का. दीपंकर भट्टाचार्य ने कहा कि का. जगदेव महतो का जीवन और उनका घर लंबे समय तक सामाजिक बदलाव और क्रांतिकारी संघर्षों का केंद्र रहा. उन्होंने कहा कि आज जब पार्टी के पास कई कार्यालय हैं, तब भी हमें यह याद रखना चाहिए कि एक समय ऐसा था जब का. जगदेव महतो का घर ही पार्टी का दफ्तर था
उनका परिवार हमेशा पार्टी और सामाजिक परिवर्तन के संघर्ष में सहभागी रहा है.उन्होंने कहा कि का. जगदेव महतो ने पार्टी के निर्माण और विस्तार में सक्रिय भूमिका निभाई. कम्युनिस्ट विचारों पर अडिग रहते हुए ऐसे ही लोगों के बल पर पार्टी ने समाज के सबसे शोषित और वंचित तबकों के लिए पिछले 50 वर्षों से संघर्ष किया है. बिहार के गांवों और शहरों में इन्हीं सामाजिक ताकतों ने भाकपा-माले को मजबूत किया है.आगे कहा कि पटना में लाल झंडे की गहरी पकड़ रही है. का. रामावतार शास्त्री यहां से सांसद रहे हैं. हमें एक बार फिर पटना में लाल झंडे की ताकत को मजबूत करना होगा और इसे नई ऊंचाई पर ले जाना होगा.उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी के सामने अब सबसे बड़ा कार्य आगामी 9 मार्च 2025 को पटना के गांधी मैदान में होने वाले 'बदलो बिहार महाजुटान' को सफल बनाना है
उन्होंने इसे सफल बनाने के लिए व्यापक योजनाएं तैयार करने और पूरी ताकत से जुटने का आह्वान किया.का. दीपंकर ने कहा कि का. जगदेव महतो का जीवन कम्युनिस्ट मूल्यों और जनता के संघर्षों का प्रतीक था. उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी कि हम उनके आदर्शों पर चलें और समाज के वंचित तबकों के लिए संघर्ष को जारी रखें.कार्यक्रम में उपस्थित पार्टी के अन्य नेताओं ने भी का. जगदेव महतो के योगदान और उनके संघर्षशील व्यक्तित्व को याद किया और उनके प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हुए कहा कि उनसे प्रेरणा लेते हुए पार्टी लगातार आगे बढ़ती रहेगी.श्रद्धांजलि सभा में पार्टी और ऐक्टू से जुड़े प्रमुख नेता, कार्यकर्ता और सामाजिक परिवर्तन के क्षेत्र में सक्रिय लोग उपस्थित थे. प्रमुख रूप से का. अभ्युदय, मीरा जी, एस.के. शर्मा, रामबली प्रसाद, सौखी लाल यादव, योगेंद्र यादव, वासुदेव राय, समता राय, अनिल अंशुमन और पुनीत पाठक की गरिमामय उपस्थिति रही.



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