पूर्णिया/सिटिहलचल न्यूज
यूपी में हो रहे कुंभ मेले में बम विस्फोट की धमकी देने वाला युवक को यूपी पुलिस ने पूर्णिया पुलिस के सहयोग से भवानीपुर थाना क्षेत्र के शहीदगंज से गिरफ्तार किया हैं। हालांकि युवक नाबालिग है, मगर धमकी देने के मामलें में प्रयागराज पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज हो चुका है। गिरफ्तार युवक की पहँचान आयुष जायसवाल उर्फ गोलू (उम्र 16 वर्ष) पिता-जयकिशोर जायसवाल साकिन-शाहिदगंज, थान-भवानीपुर, जिला-पूर्णिया के रूप में हुई हैं। घटना के संबंध में युवक के पिता जयकृष्ण जायसवाल ने बताया कि उसके बेटे ने क्या हरकत की है, उसे पता भी नहीं हैं, जब पुलिस आयी तो यह जानकारी हुई। वहीं 2 इनोवा गाड़ी से आये यूपी एसटीएफ के अधिकारियों ने युवक को अपने साथ लेकर यूपी चली गई है
बता दे कि आरोपी ने 31 दिसंबर को एक फेक इंस्टाग्राम एकाउंट बनाकर कुंभ मेले में ब्लास्ट की धमकी दी थी। धमकी देने वाले ने अपना नाम नसर पठान बताया और कम से कम 1000 लोगों को मौत की नींद सुलाने की धमकी दी थी। जिसके बाद एकाउंट को डिलीट कर दिया गया था। वहीं धमकी मिलने के बाद यूपी पुलिस ने कई धारा में केस को दर्ज किया। जिसके बाद यूपी एसटीएफ और एटीएस की टीम धमकी देने वाले एकाउंट की जानकारी जुटाने लगे। जिसके बाद मोबाइल सीडीआर से जिस नंबर से आईडी बनाया गया वह बिहार के पूर्णिया का निकला। वहीं एसटीएफ और एटीएस की टीम पूर्णिया पहुँचकर मोबाइल टॉवर लोकेशन के आधार पर धमकी देने वाले को पकड़ने में जुट गई थी। मगर टॉवर लोकेशन के अनुसार मोबाइल नेपाल घुसते ही बंद पाया गया। अब पुलिस को और शक गहरा गया कि इसमें बड़े गैंग का हाथ हैं। वहीं जैसे ही धमकी देने वाला युवक नेपाल से पूर्णिया आया तुरंत यूपी एसटीएस ने उसे उठा लिया। जिसके बाद कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद से यूपी लेकर चली गई
पिता ने कहा मेरा बेटा निर्दोष है
आरोपी युवक के पिता जयकृष्ण जायसवाल शहीदगंज गांव में ही जीविका के लिए किराने की दुकान चलाते हैं। युवक के पिता का कहना है कि नया साल मनाने के लिए उसका बेटा अपने दोस्तों के साथ नेपाल गया था। नेपाल से आते ही पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। उसका बेटा किसी आपराधिक घटना में शामिल नहीं हैं। न ही किसी भी प्रकार का कोई केस है। पुलिस अचानक घर मे घुसकर उसके बेटे को गिरफ्तार कर लिया और मोबाइल लेकर, पूरे घर की तलाशी ली
अपने दोस्त को फसाने के लिए दी थी धमकी
एक छोटी सी हरकत बड़ा रूप ले लेने की वजह से अब इस मामलें में गाँव के लोग कुछ भी बोलने से परहेज कर रहे हैं। दोस्त दबी जुबान में कहते है कि नसर नाम का उसका दोस्त है। जिससे झगड़ा होने के बाद उसे फसाने के उद्देश्य से उसके नाम से इंस्टाग्राम आईडी बनाकर धमकी दी थी। वहीं धमकी देने के तुरंत बाद आईडी को भी डिलीट कर दिया। मगर गलती यह हो गई कि उसने आने ही मोबाइल से आईडी बनाया था। वहीं एसटीएफ और एटीएस अभी किसी भी दलील को सुनने को तैयार नहीं हैं। धमकी देने के तुरंत बाद नेपाल भागने के कनेक्शन को जोड़ने में लगी है। नेपाल कहाँ गया था, किन किन लोगों से मुलाकात की, पूरा डिटेल जानने का प्रयास पुलिस कर रही है।




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