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सुरक्षित मातृत्व अभियान-जटिल प्रसव से संबंधित महिलाओं की ख़ोज में प्रसव पूर्व जांच निहायत जरूरी

पूर्णियां/बालमुकुन्द यादव 

पूर्णिया : प्रसव पूर्व जांच का मुख्य उद्देश्य मातृ-शिशु मृत्यु दर के मामलों में कमी लाना है। इसके लिए प्रत्येक महीने निर्धारित तिथि को प्रधानमंत्री मातृत्व योजना के तहत गर्भवती महिलाओं की जांच के लिये विशेष अभियान संचालित किया जाता है। सिविल सर्जन डॉ अभय प्रकाश चौधरी ने कहा कि जिलाधिकारी कुंदन कुमार के दिशा-निर्देश में जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह से दुरुस्त कर समुचित इलाज़ सामुदायिक स्तर पर मुहैया कराई जा रही है। वहीं मातृ शिशु मृत्यु दर को शून्य करने को लेकर प्रसव पूर्व जांच यानी (एएनसी) एंटी नेटल केयर सुरक्षित प्रसव के लिहाज से बेहद जरूरी होता है। यह जच्चा व बच्चा दोनों की सेहत एवं सुरक्षा सुनिश्चित करता है। मुख्य रूप से गर्भवती महिलाओं का वजन, उच्च रक्तचाप, रक्तहीनता, मधुमेह, एचआईवी जांच सहित गर्भस्थ शिशुओं की वास्तविक स्थिति व उनके विकास का आकलन किया जाता है। मालूम हो कि सामान्य एवं सुरक्षित प्रसव को बढ़ावा देने के साथ-साथ गर्भवती महिलाओं को प्रसव से संबंधित किसी भी तरह की जटिलताओं से निजात दिलाने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसएमए) की शुरुआत की गई हैं। ताकि देश की सभी गर्भवती महिलाओं को प्रसव के दौरान किसी तरह की परेशानी नहीं हो


जटिल प्रसव से संबंधित महिलाओं की ख़ोज में प्रसव पूर्व जांच निहायत जरूरी: सिविल सर्जन

सिविल सर्जन डॉ अभय प्रकाश चौधरी ने बताया कि राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक संजय कुमार सिंह एवं जिलाधिकारी कुंदन कुमार के दिशा-निर्देश में जिले के सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान में जिला स्तर से लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तक नियत समय पर गर्भवती महिलाओं की गुणवत्तापूर्ण प्रसव पूर्व जांच एवं इस दौरान जटिल प्रसव/उच्च जोखिम वाली संतान वाली महिलाओं की ख़ोज एवं उसकी सूची बनानी है। ताकि प्रसव के समय किसी तरह की कोई परेशानी नहीं हो। ताकि प्रसव के दौरान सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में उक्त समय महिला चिकित्सा पदाधिकारियों के साथ ही उच्च जोख़िम से निबटने के लिए आवश्यकता अनुसार तैयारियां पूरी हो सकें। इसकी शत प्रतिशत सफ़लता को लेकर राज्य स्वास्थ्य समिति की ओर से पर्यवेक्षण के लिए अलग से टीम बनाई गई है। जिसमें यूनिसेफ़ के डॉ जगजीत सिंह को पूर्णिया जिले के लिए प्रतिनियुक्त किया गया है


पीएमएसएमए की शत प्रतिशत सफ़लता को लेकर दो सदस्यीय सात टीम बना कर किया जाएगा पर्यवेक्षण: सिविल सर्जन

सिविल सर्जन डॉ अभय प्रकाश चौधरी ने बताया कि जिला स्वास्थ्य समिति की ओर से जारी पत्र के आलोक में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान को  शत प्रतिशत सफ़ल बनाने को लेकर समुचित क्रियान्वयन एवं अनुश्रवण के लिए जिलास्तरीय सात टीम का गठन किया गया है। जिसमें मुख्य रूप से एसीएमओ और डीवीभीडी सलाहकार को पूर्णिया पूर्व एवं श्री नगर, डीआईओ और डीसीएम को बनमनखी एवं के नगर, एनसीडीओ और विभागीय कर्मी को डगरुआ एवं बायसी, सीडीओ और डीएमएनई अमौर एवं बैसा, डीपीएम और यूनिसेफ़ सलाहकार को कसबा एवं जलालगढ़, डीपीसी और डीसीक्यूए को धमदाहा एवं बी कोठी जबकि आयुष्मान भारत के डीपीसी और एपिडेमिलौजिस्ट को रुपौली एवं भवानीपुर के लिए पर्यवेक्षण पदाधिकारी बनाया गया है।

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