Top News

मनरेगा पीओ के लेन-देन मामले में जांच में जिला से पहुंचे अधिकारी



रुपौली। विकास कुमार झा


डीडीसी साहिला के निर्देश पर मनरेगा पीओ मुरलीधर मोदी पर जो नजराना लेने का आरोप विजय मोहनपुर पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि विक्रम कुमार ने पंचायत समिति के सामान्य बैठक में लगाया था । उसकी जांच करने के लिए मनरेगा डीपीओ नीरज कुमार ठाकुर विजय मोहनपुर पंचायत पहुंचे। जांच के क्रम में मुखिया प्रतिनिधि विक्रम कुमार ने मनरेगा डीपीओ नीरज कुमार ठाकुर के सामने बताया पहले आंगनबाड़ी केंद्र के निर्माण में बतौर नजराना 27000 हजार वही अमृत सरोवर योजना में बतौर नजराना 30000 रुपए लिया है मनरेगा पीओ मुरलीधर मोदी जिस पर डीपीओ श्री ठाकुर के द्वारा उन्होंने लिखित में देने के लिए कहा गया,जिस पर आवेदन देते हुए,मुखिया प्रतिनिधि विक्रम कुमार ने आवेदन में लिखा है मेरी पत्नी शीला भारती ग्राम पंचायत विजय मोहनपुर का मुखिया है ग्राम पंचायत राज विजय मोहनपुर में पंचायत से चल रहे जन कल्यानकारी योजनाओं कि देखरेख अपनी मुखिया पत्नी शीला भारती के साथ मिल कर करता हूँ।साथ ही मुखिया के अनुमती पर विकास कार्यों में लगने वाले मजदुर और मेटेरियल (सामग्री) सहीत अन्य कामो के लिये भी काम करता हूँ। मनरेगा से विजय मोहनपुर पंचायत में एक अमृत सरोवर का निर्माण वित्तीय वर्ष


22-23 में शुरू कराया गया जिसमे स्थल निरक्षण के बाद मनरेगा पीओ मुरलीधर मोदी द्वारा मेरे सामने मुखिया शीला भारती को स्टीमेट ए एस करने के नाम पर 30,000 हजार रुपये की मांग की गई। जिसे मैं खुद दूसरे दिन PO को भुगतान किया उसके बाद काम प्रारंभ किया गया लगातर पीआरएस संजय कुमार कार्यस्थल पर पहुंच कर मजदुरो का फोटोग्राफी कर M.N.S करते रहे उसके बाद J.E, P.T.A स्थल' पर पहुँच पीआरएस  के सामने अमृत सरोवर में किये कार्यो का मापी कर मापी पुस्तीका में अंकित किया जो लगभग 3  लाख मजदुरी बनता था मजदूरों का। लेकिन PO के द्वारा एम एन एस में टेक्निकल  गड़बड़ी कह कर जीरो कर दिया। पीओ मुरलीधर मोदी द्वारा जीरो करने पर, सभी 125 मजदुरे, का लगभग 3 लाख रूपया में अपने घर‌ से भुगतान किया उसके बाद 09.06,22 से 22-06.22 तक अमृत सरोबर में काम करवाया गया जिसका भुगतान मनरेगा से किया गया।,आंगनबाड़ी केन्द्र के भवन निर्माण के लिये मनरेगा PO के अनुमती पर अंचलाधिकारी रुपौली से अनुमती लिया उसके बाद मनरेगा PO मुुरलीधर मोदी पंचायत भवन पहुंच मुखिया से मेरे सामने स्टीमेट के नाम पर 27 हजार रूपया लिया। उसके बाद आंगनबाड़ी भवन निर्माण का कार्य प्रारंभ किया गया । भवन निर्माण का कार्य कुर्सी स्तर पूर्ण कर दिया लेकिन मनरेगा PO के द्वारा भुगतान की दिशा मे कोई काम नहीं किया गया poके द्वारा कहा गया की पुरे प्रकलन का 3% कमीशन जोड़ कर मेरा जो बनता है। उसका भुगतान एक मुस्त कर दिजीये उसके बाद सोचेंगे। इतना ही नही वार्ड-05 में एक निजी पोखर का निर्माण करवायागा जिस का आज तक P.O को कमीशन नही देने के कारण मास्टर रोल को दो बार जीरो कर दिया गया।

जिसका भुगतान अटका हुआ है। वही  वार्ड संख्या -06 और वार्ड संख्या - 07 मे भी सड़क में मिट्टी भराई का कार्य पूर्ण होने के बाद भी भुगतान रोक दिया गया। वार्ड संख्या 05 में 2 निजी पोखर का एक एक बार भुगतान किया गया जबकि पोखर का निर्माण कार्य पूर्ण है।वहीं मुखिया प्रतिनिधि विक्रम कुमार ने आवेदन देते हुए आगे लिखा है PO मुरलीधर मोदी के द्वारा बढ़ते कमीशन खोडी से पंचायत का विकाश कार्य बाधित है जिसका असर आने वाले समय में मजदूरों के जीवन यापन पर परने वाला है। इसलिये मनरेगा PO मुलीधर मोदी से गरीब मजदुरों को राहत


दिलाने की कृपा किया जाए। वहीं जिला कार्यक्रम पदाधिकारी नीरज कुमार ठाकुर ने बताया वरिय पदाधिकारी के निर्देश पर जांच करने के लिए आएं थें, मुखिया प्रतिनिधि का बयान कलमबद्ध किया गया है, वही इस मामले में मनरेगा पीओ एवं पीआरएस का भी ब्यान दर्ज किया जाएगा सभी के बयानों को कलमबद्ध कर के उप विकास आयुक्त एवं जिला पदाधिकारी को सौंपा जाएगा।

Post a Comment

Previous Post Next Post