रूपौली/सिटी हलचल न्यूज़
पूर्णियाँ: एक तरफ सुबे की सरकार बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था का दावा करती है, दूसरी तरफ स्वास्थ्य व्यवस्था किस तरह बदहाल है, इसे देखना हो तो पूर्णियाँ जिले के रुपौली प्रखंड के नवटोलिया अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र आये। यहाँ की स्वास्थ्य ब्यवस्था बदहाल है ही वहीं दूसरी तरफ अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में कार्य करने वाली आउटसोर्सिंग एनजीओ भी जमकर लूट मचा रही है। यह एनजीओ सरकारी बाबुओं के साथ मिलकर बिना कार्य किये रुपये का आपस मे बंदरबाट कर रहे है। जिले के रुपौली प्रखंण्ड के नवटोलिया अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में विगत तीन वर्षों से सफ़ाई व्यवस्था बंद पड़ी है। वही हर माह एनजीओ के द्वारा अपने कार्य के नाम पर बिल बनाकर विभाग से निकासी कर रहे है। जिससे यह साफ जाहिर हो रही है किस तरह सरकार के पैसों का दुरपयोग किया जा रहा है
वहीं बताया जाता है कि स्वास्थ्य केंद्र के आउटसोर्सिंग का ठेका प्रेम आउटसोर्सिंग एजेंसी को दिया गया है, जिसके संचालक प्रेम कुमार है। प्रेम कुमार रेफरल अस्पताल रुपौली के प्रधान सहायक के रिश्तेदार बताए जा रहे है, जिसका धौंस जमाकर हर माह बिना कार्य के बिल का भुगतना किया जा रहा है।वही अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र नवटोलिया में मात्र एक डॉक्टर पदस्थापित डॉ गुलनाज है, जो सिर्फ महिने में एक दो बार ही नज़र आती हैं, बाकी दिनों वह अपने निजी क्लिनिक में ब्यस्त रहती है। वहीं सिर्फ एक एएनएम रेणु कुमारी के भरोसे यह केंद्र चल रहा है। जबकि प्रसव के लिए नवटोलिया स्वास्थ्य केन्द्र में रोज दर्जनों महिलाएं बहदुरा, परवत्ता टोला, जम्हैरा, भिखना बाकी गांव प्रसव कराने के लिए आतीं हैं। लेकिन अस्पताल में डॉक्टर नहीं रहने के कारण उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है
उन्हें उस समय सबसे ज्यादा समस्याओं से दो-चार होना पड़ता है, जब महिलाओं को शौचालय जाना होता है। अस्पताल में शौच के लिए जो शौचालय है उसमें गंदगी भर जाने के कारण उसे बंद कर समस्याओं पर ताला लगा दी गई है, जिसके कारण अस्पताल में प्रसव कराने आने वाली महिलाओं को खुले में शौच करने पर मजबुर होना पड़ता है। वही अस्पताल परिसर में जगह जगह गंदगी पसरी हुई है, जबकि सुविधाओं के नाम लगाए गए ट्यूबवेल भी शोभा की वस्तु बनकर रह गई है अस्पताल में। इस मामले में रेफरल अस्पताल रुपौली के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ निरज कुमार ने कहा मामला गंभीर है मामले को की जांच कर संबंधित आउटसोर्सिंग संचालित करने वाली एजेंसी पर कार्रवाई की जाएगी। वही उन्होंने बताया पदस्थापित डॉ गुलनाज अभी ट्रेनिंग में गई हुई है। सीएस पूर्णिया ने बताया कि मामलों की जांच दो तीन दिनों में करवाकर संबंधित एजेंसी पर कार्रवाई की जाएगी।



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