कटिहार/शंभु कुमार
फलका(कटिहार): शनिवार को दिन के करीब ग्यारह बजे कुर्सेला थाना क्षेत्र के एनएच-31 समेली प्रखंड मुख्यालय समीप एक तेज रफ्तार अनियंत्रित कार ने एक बाइक सवार आंगनबाड़ी सेविका को कुचल दिया।घटना में सेविका कल्पना कुमारी उम्र-48 वर्ष खैरा निवासी एवं बाइक चालक सह जख्मी सेविका नीलम देवी के पति नारायण शर्मा उम्र-58 नरहैया निवासी की मौके पर मौत हो गई,जबकि उनकी पत्नी नीलम देवी उम्र-50 (सेविका) वर्ष गंभीर रूप से जख्मी हो गई।जख्मी सेविका को ग्रामीणों के सहयोग से इलाज के लिए समेली सीएचसी लाया गया।जहां चिकित्सकों ने इलाज के बाद गंभीर हालत देख बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया है।घटना के बाद आक्रोशित सेविकाओं ने प्रखंड मुख्यालय समीप कुर्सेला-पुर्णिया एनएच-31 को जाम कर मुआवजे की मांग कर रहे थी।
घटना को लेकर आक्रोशित आंगनबाड़ी सेविका का आरोप था कि प्रभारी सीडीपीओ पामेला डुडु महीने में चार बार आर्थिक दोहन के नाम पर बैठ करती है। जिस कारण यह घटना घटी है। करीब तीन घंटे उक्त सड़क मार्ग जाम रहा। इस दौरन सड़क के दोनों तरफ छोटे बड़े वाहनों की लंबी कतार लग गयी थी। आक्रोशित आंगनबाड़ी सेविका द्वारा सीडीपीओ व स्थानीय प्रशासन के खिलाफ नारेबाज़ी भी किया। बाद में मौके पर पहुँचे सीओ गुलाम शाहिद ,बीडीओ दुर्गेश कुमार, थानाध्यक्ष राजेश कुमार,आरओ मोना कुमारी एवं प्रमुख प्रतिनिधि संतोष कुमार ,मुख्य पार्षद प्रतिनिधि गुड्डू यादव, जिला पार्षद प्रतिनिधि रोशन कुमार के काफी समझाने बुझाने के बाद करीब तीन घंटे बाद जाम तोड़ा गया। लेकिन सभी सेविका प्रखंण्ड मुख्याल के मुख्य द्वार को जाम कर विरोध प्रदर्शन जारी था।
वहीं घटना की सूचना पाकर कुर्सेला पुलिस मौके पर पहुंच दोनों शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम हेतु भेज। वहीं मृतक के परिजनों का रो रो कर बुराहाल था।
बॉक्स में:-
आंगनबाड़ी सेविकाओं ने सीडीपीओ पर लगाया हर माह
आर्थिक दोहन का आरोप
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समेली ब्लॉक मुख्यालय समीप हृदय विदारक सड़क दुर्घटना को लेकर सबसे ज्यादा आंगनबाड़ी सेविकाओं का आरोप था कि जब से सीडीपीओ पामेला डुडु जब से आई है आंगनबाड़ी सेविका का जीना दुस्वार कर दी है। सेविका संघ के अध्यक्ष माला देवी ने सबों के सामने चीख चीख कर पुकार कर रही थी कि हर माह सीडीपीओ और एलएस द्वारा चार हजार रुपये अवैध वसूली किया जाता है। इसलिए मज़बूरन आगनबाड़ी के बच्चों और पोषक क्षेत्र के लोगों को पोषाहार कम देना पड़ता है। नहीं देने पर सीडीपीओ द्वारा सेविका को बर्खास्त करने की धमकी दिया जाता है। यही कारण है प्रत्येक माह चार दिन बैठक किया जाता है। बैठक में आने के दौरान यह दर्दनाक हादसा का शिकार हो गई। जबकि सीडीपीओ पामेला डुडु ने सेविका के द्वारा लगाए गए आरोप को बेबुनियाद बताई है।


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