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सदर एसडीएम ने राम जानकी ठाकुरबाड़ी रजीगंज का किया निरीक्षण, दिए दिशा निर्देश

 


पूर्णिया/सिटिहलचल न्यूज़

पूर्व प्रखंड के रजीगंज पंचायत स्थित रामजानकी ठाकुरबाड़ी रजीगंज का निरीक्षण करने बुधवार को मंदिर के अध्यक्ष सह सदर एसडीएम राकेश रमण पहुंचे।  उनके साथ प्रमुख जियाउल हक व उपप्रमुख ललन सिन्हा भी मौजूद थे। सदर एसडीएम ने बिहार राज्य धार्मिक न्यास परिषद पटना द्वारा गठित न्यास समिति के उपाध्यक्ष मंटू चौधरी व सचिव विनय साह से मंदिर से जुड़ी समस्याओं के बारे में विस्तृत जानकारी ली। वही उन्होंने मंदिर पर अवैध रूप से कब्जा जमाए कब्जाधारी रामदेव गोस्वामी, रामचंद्र गोस्वामी व नरसिंह गोस्वामी से मंदिर वह जमीन से जुड़े हुए सभी कागजातों की मांग की, जिसे उनलोगों के द्वारा दिखाने में असमर्थता दिखाइ।


जिसके बाद एसडीएम ने उसे दो दिनों के अंदर सभी कागज लेकर कार्यालय पहुंचने की बात कही। वही न्यास समिति के उपाध्यक्ष मंटू चौधरी ने बताया कि बिहार राज्य धार्मिक न्यास परिषद पटना के द्वारा 2018 में ही न्यास समिति का गठन किया गया है, जिसमे कुल ग्यारह सदस्य हैं। लेकिन जब हम लोगों ने सभी सदस्यों के साथ मंदिर में पहुंचे तो मंदिर के जमीन पर जबरन कब्जा किए हुए नरसिंह गोस्वामी व उनका परिवार ने सीधे शब्दों में कहा कि मैं कोई धार्मिक न्यास परिषद को नहीं मानता और मैंने हाईकोर्ट में न्यास परिषद के ऊपर में केस किया है। मंदिर में जो भी जमीन है वह मेरे पिताजी के नाम से है। जबकि मंदिर का सारा जमीन श्री श्री 108 राम जानकी ठाकुरबाड़ी के नाम से दर्ज है और उसमें सेवायत पत्थल गिरी गोस्वामी के नाम है जो वर्षों पूर्व गुजर गए हैं ।आज उनके वारिसानों के द्वारा जबरदस्ती मंदिर के जमीन को अपने कब्जे में लेकर जोतआबाद कर खा रहे हैं जबकि इसकी कोई भी जानकारी धार्मिक न्यास परिषद में इनके द्वारा नहीं दी गई थी। जिसको लेकर धार्मिक न्यास परिषद द्वारा अंचलाधिकारी से वर्तमान रिपोर्ट भी मांगी गई थी। जिसके बाद रिपोर्ट के आधार पर न्यास पर्षद के अध्यक्ष ने डीएम व एसपी को मंदिर की जमीन को न्यास समिति को सुपुर्द करवाने का आदेश भी दिया था। वही इस संबंध में सदर एसडीएम राकेश रमण ने कहा कि मंदिर का सभी संपत्ति पर धार्मिक न्यास पर्षद का अधिकार होता है

और उनके द्वारा बनाए गए कमेटी के द्वारा ही इसका संचालन किया जाना है। मंदिर के जमीन पर अब सेवायत का कोई अधिकार नहीं होता है। लेकिन यहां पर उनलोगों के द्वारा जबरदस्ती मंदिर के जमीन पर दखल कब्जा कर रखा है। वहीं उन्होंने बताया कि उनलोगों से दो दिनों के अंदर सभी कागज कार्यालय में प्रस्तुत करने को कहा गया है। जिसके बाद कार्रवाई की जाएगी।

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