पूर्णियां से बालमुकुन्द यादव की रिपोर्ट
बिहार सरकार की ओर से इस वर्ष 1 नवंबर से धान अधिप्राप्ति की घोषणा की गई। कुछ पैक्सों में विभागीय मंत्री महोदया के द्वारा अधिप्राप्ति का शुभारंभ भी किया गया। मीलरों एवं पैक्सों के बीच उसना एवं अरवा चावल के चक्कर में किसानों के धान की अधिप्राप्ति ठप पड़ गया है। कुछ पैक्सों में अधिप्राप्ति में किसानों से 10 से 20 किलो प्रति क्विंटल कटौती कर खरीद की गई जिससे किसानों को एम०एस०पी० ₹1940 से 150 से ₹200 का नुकसान उठाना पड़ रहा है
प्रोफेसर आलोक ने राज्य सरकार पर आरोप लगाया है कि बिना पूर्व तैयारी के धान अधिप्राप्ति की घोषणा कर किसानों को बरगलाया जा रहा है।राज्य सरकार पैक्सों को वित्त पोषण समय पर नहीं कर रहा है। प्रोफेसर आलोक ने किसानों की अनदेखी करने का आरोप लगाया है।
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