गया से आशीष कुमार कि रिपोर्ट
वट सावित्री पूजा है और स्त्रियां अपने पति की लंबी आयु की कामना करती हैं वट सावित्री के पूजन करते हैं. बरगद के वृक्ष में कच्चे सूत्र से फेरी लगाती हैं और पति की लंबी आयु की कामना करती हैं इतना ही नही पंखा झेलते हैं सत्यवान सावित्री की कथा सुनते हैं l
जानकारी अनुसार पौराणिक कथाओं के अनुसार, यमराज ने सावित्री को उनके पति की आत्मा को चने के रूप में लौटाया था. इस लिए इस व्रत पूजा में प्रसाद के रूप में चना रखा जाता है.
जानें आज क्यों की जाती है वट वृक्ष की पूजा
वट सावित्री व्रत पूजा के लिए बरगद का वृक्ष होना बहुत जरूरी है. मान्यता के अनुसार वट वृक्ष ने अपनी जटाओं से सावित्री के पति सत्यवान की मृत शरीर को घेर रखा था. ताकि जंगली जानवर उनके शरीर को कोई नुकसान न पहुंचा पायें. इसी लिए इस दिन वट वृक्ष की पूजा की जाती है.
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