Gaya
गया से आशीष कुमार गुप्ता की रिपोर्ट
बोधगया। कोरोना के द्वितीय संघात में आई गिरावट के बाद शैक्षिक व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए मगध विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो राजेंद्र प्रसाद ने शुक्रवार को स्नातकोत्तर विभागाध्यक्ष एवं प्राचार्यों के साथ वर्चुअल बैठक की। उन्होंने कहा कि संबद्ध एवं अंगीभूत महाविद्यालयों में नामांकन की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाए तथा जिन विभागों में मौखिक परीक्षा आयोजित नहीं कराई जा सकी है, उन्हें यदि संभव हो तो वर्चुअल माध्यम से कराने का व्यवस्था की जाए। शैक्षणिक सत्र नियमन के लिए समय से नामांकन परीक्षा और मूल्यांकन अपेक्षित है। इस कार्य में सभी विभागाध्यक्ष तथा प्राचार्यों को अग्रणी भूमिका निभानी होगी। उन्होंने कहा कि पारदर्शी व गुणात्मक सुधार के लिए सतत प्रयत्नशील रहना होगा तभी मगध विश्वविद्यालय को प्रदेश तथा देश के विश्वविद्यालयों की अग्रणी पंक्ति में स्थापित होने का अवसर मिलेगा
उन्होंने स्नातक व स्नातकोत्तर की बची हुई परीक्षाओं के संबंध में कहा कि राज्य सरकार से निर्देश प्राप्त होने के तत्काल बाद शुरू की जाएगी। उन्होंने सभी शिक्षकों का आह्वान किया कि अपनी सारी तैयारी पूरी कर ले। ताकि दिशा निर्देश प्राप्त होते ही परीक्षाएं शुरू की जा सके।
वर्चुअल बैठक को संचालित करते हुए समन्वयक डॉ शैलेंद्र मणि त्रिपाठी ने कहा कि कुलपति प्रो राजेंद्र प्रसाद के निर्देश के क्रम में उभर कर आया कि अकादमिक व बौद्धिक गोष्ठियों में सभी विभागाध्यक्ष वह प्राचार्य जुड़े। साथ ही इस तरह की अपेक्षा शिक्षक व शिक्षकेतर कर्मचारियों से भी है।
बैठक की औपचारिक शुरुआत अधिष्ठाता प्रो आर पी एस चौहान के स्वागत अभिवादन से हुआ और उन्होंने कुलपति के भावनाओं से सभी को अवगत कराया इस मौके पर विभागाध्यक्ष प्रो एसएनपी यादव दीन, प्रो बीआर यादव, प्रो सुशील कुमार सिंह, प्रो जयनंदन प्रसाद सिंह, प्रो मनीष सिन्हा, प्रो कमला कुमारी उपाध्याय, प्रो वीरेंद्र कुमार, प्राचार्य प्रो दिनेश प्रसाद सिन्हा, प्रो शमशुल इस्लाम, प्रो सुधीर कुमार मिश्र, प्रो जावेद अशरफ, डॉ भारत भूषण, डॉ संजय कुमार, डॉ के के मिश्र सहित सभी प्राचार्य व विभागाध्यक्ष मौजूद थे।
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