मुरलीगंज /मिथिलेश कुमार
मुरलीगंज प्रखंड के भातखोड़ा बाजार में गुरुवार को राजद और भाकपा कार्यकर्ताओं ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन कर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’, ‘ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दो’ और ‘एसआईआर के माध्यम से मतदाता सूची से हटाए गए नामों को दोबारा शामिल करो’ जैसे नारे लगाए।विरोध प्रदर्शन एवं पुतला दहन कार्यक्रम का नेतृत्व राजद प्रखंड अध्यक्ष इरफान अहमद और भाकपा अंचल मंत्री रमेश कुमार शर्मा ने किया। मौके पर जनसमूह को संबोधित करते हुए भाकपा के राष्ट्रीय परिषद सदस्य प्रमोद प्रभाकर ने आरोप लगाया कि देश में लोकतंत्र खतरे में है
और भाजपा वोट चोरी के जरिए सत्ता में आ रही है। उन्होंने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भाजपा के पक्ष में काम करने का आरोप लगाया।प्रमोद प्रभाकर ने दावा किया कि एसआईआर के माध्यम से 13 करोड़ वंचित लोगों के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं तथा बिहार और पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार बनाई गई है। उन्होंने मांग की कि मतदाता सूची से हटाए गए नामों को फिर से शामिल किया जाए और मुख्य निर्वाचन आयुक्त इस्तीफा दें
उन्होंने चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने पर जंतर-मंतर सहित देशभर में आंदोलन किया जाएगा।वहीं, राजद नेता राकेश रौशन ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार के कार्यकाल में संवैधानिक संस्थाएं कमजोर हुई हैं।पुतला दहन कार्यक्रम में राजद नेता मोहम्मद ईशा, बैजू यादव, त्रिलोक यादव, नीरज कुमार, अजय यादव, परमानंद यादव, उमेश मेहता, रुपेश राम, सतो दास, मोहम्मद आमिर, प्रवीण शर्मा, जयप्रकाश शर्मा, कृष्ण कुमार यादव, मोहम्मद यूसुफ, घनश्याम साहनी, सुभाष ठाकुर सहित महागठबंधन के कई कार्यकर्ता शामिल हुए।



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