चिल्हनियां पंचायत में मनरेगा योजनाओं के क्रियान्वयन में कथित अनियमितता की शिकायत पर मंगलवार को जांच टीम ने विभिन्न वार्डों में पहुंचकर योजनाओं की जांच की। जांच के दौरान वार्ड संख्या 1, 4, 11 और 15 में मनरेगा योजनाओं से संबंधित किसी भी कार्यस्थल पर योजना बोर्ड नहीं लगा मिला। जांच टीम अब अपनी रिपोर्ट जिला पदाधिकारी नवीन कुमार को सौंपेगी।
जानकारी के अनुसार, चिल्हनियां पंचायत के सरपंच कैलाश बोसाक ने पंचायत में मनरेगा योजनाओं के क्रियान्वयन में अनियमितता की आशंका जताते हुए जिला पदाधिकारी को आवेदन दिया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि पंचायत में मुखिया के सहयोगी विभिन्न योजनाओं के कार्यों में सहयोग करते हैं। सरपंच की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए डीएम के निर्देश पर जांच टीम गठित की गई।
जांच टीम में डीआरडीए निदेशक शशिम सौरभ मणि, मनरेगा के तकनीकी सहायक (पीटीए) प्रहलाद कुमार और कनीय अभियंता राहुल कुमार शामिल थे। टीम ने पंचायत के वार्ड संख्या 1, 4, 11 और 15 में पहुंचकर मनरेगा योजनाओं से जुड़े कार्यों की जांच की।
डीआरडीए निदेशक शशिम सौरभ मणि ने बताया कि जांच के दौरान संबंधित वार्डों में किसी भी योजना स्थल पर योजना बोर्ड नहीं पाया गया। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर रिपोर्ट तैयार कर जिला पदाधिकारी को सौंपी जाएगी। इसके बाद रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई के संबंध में निर्णय लिया जाएगा।
मनरेगा योजनाओं में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए कार्यस्थलों पर योजना से संबंधित जानकारी प्रदर्शित करना महत्वपूर्ण है। ऐसे में जांच के दौरान योजना बोर्ड नहीं मिलने के बाद अब प्रशासन की अगली कार्रवाई पर नजर रहेगी। हालांकि, जांच पूरी होने और रिपोर्ट के आधार पर निर्णय लिए जाने के बाद ही अनियमितता के आरोपों पर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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