पशुपालकों को बीमार पशुओं के उपचार के लिए परेशानियों का सामना नहीं करना पड़े, इसके लिए दिघलबैंक प्रखंड क्षेत्र में मोबाइल वेटरनरी यूनिट (एमवीयू) के माध्यम से आपातकालीन पशु चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराई जा रही है। इस पहल के तहत पशुओं को समय पर उपचार देने के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में ही चिकित्सा सुविधा पहुंचाई जा रही है।
इसी क्रम में गुरुवार को दिघलबैंक प्रखंड की दिघलबैंक, इकड़ा पंचायत सहित अन्य क्षेत्रों में मोबाइल पशु चिकित्सा टीम ने पहुंचकर बीमार पशुओं का उपचार किया। इस सेवा से खासकर उन पशुपालकों को राहत मिल रही है, जिन्हें अपने पशुओं को लेकर पशु चिकित्सालय पहुंचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
मोबाइल वेटरनरी यूनिट के माध्यम से बीमार पशुओं की जांच, प्राथमिक उपचार और आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। वहीं, प्रथम वर्गीय पशु चिकित्सालय दिघलबैंक की ओर से निर्धारित रूट प्लान के तहत भ्रमणशील पशु चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. जीवन कुमार सिंह के दिशा-निर्देश पर विभिन्न गांवों में शिविर लगाकर पशुओं का उपचार किया जा रहा है।
पशुपालकों से अपील की गई है कि पशुओं के बीमार होने या आपातकालीन चिकित्सा सहायता की आवश्यकता पड़ने पर टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1962 पर संपर्क करें। इसके माध्यम से मोबाइल पशु चिकित्सा सेवा से संबंधित जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
गुरुवार को आयोजित अभियान के दौरान पशु चिकित्सक डॉ. तुषार, पारावेट सुभाष कुमार और वाहन चालक दीपेन्द्र कुमार मौजूद रहे। गांवों में मोबाइल पशु चिकित्सा सेवा और शिविरों के आयोजन से पशुपालकों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने में मदद मिल रही है।
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