पूर्णिया में रिश्तों को बचाने और टूटते परिवारों को जोड़ने का काम कर रहे पुलिस परिवार परामर्श केंद्र में शनिवार को कई भावुक और चौंकाने वाले मामले सामने आए। केंद्र में कुल 12 मामलों की सुनवाई की गई, जिनमें से 6 मामलों में पति-पत्नी के बीच आपसी विवाद खत्म कर समझौता कराया गया। घंटों चली काउंसिलिंग और समझाइश के बाद कई बिखरते परिवारों को दोबारा एक होने का मौका मिला।
इन मामलों में सबसे ज्यादा चर्चा एक ऐसे मामले की रही, जिसमें सिर्फ पड़ोसी को पानी पिलाने की बात पर पति ने अपनी पत्नी को बेरहमी से पीट दिया और यहां तक कि उसकी जान लेने की कोशिश भी की।
मामला डगरूआ थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है। पीड़िता ने पुलिस परिवार परामर्श केंद्र में बताया कि उसके पति की पड़ोसी परिवार से पुरानी दुश्मनी चल रही थी और दोनों परिवारों के बीच बोलचाल भी बंद थी। इसी दौरान एक दिन पड़ोसी उनके घर के पास आया, तो महिला ने इंसानियत के नाते उसे पानी पिला दिया। बस यही बात पति को नागवार गुजर गई।
महिला के अनुसार, पति ने गुस्से में कहा कि जब उसे मालूम था कि पड़ोसी से दुश्मनी चल रही है, तो उसने उसे पानी क्यों पिलाया। इसी बात को लेकर पति ने पहले पत्नी के साथ मारपीट की और फिर उसके गले में फीता लगाकर जान से मारने का प्रयास किया। हालांकि महिला किसी तरह उसकी पकड़ से बच निकली, नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था।
घटना के बाद महिला काफी डरी-सहमी रही। पति ने उसे घर से भी निकाल दिया, जिसके बाद वह कई महीनों तक अपने मायके में रहकर जिंदगी गुजारने को मजबूर हो गई। लगातार प्रताड़ना और अपमान से परेशान होकर आखिरकार महिला ने पूर्णिया पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने इसे पुलिस परिवार परामर्श केंद्र भेज दिया, ताकि दोनों पक्षों के बीच बातचीत कर विवाद को सुलझाया जा सके। शनिवार को दोनों पति-पत्नी को केंद्र में बुलाया गया, जहां घंटों तक काउंसिलिंग की गई। परामर्शदाताओं ने दोनों को रिश्ते की अहमियत समझाई और छोटी-छोटी बातों को लेकर परिवार नहीं तोड़ने की सलाह दी।
आखिरकार दोनों पक्ष समझौते के लिए तैयार हो गए और पति ने भविष्य में पत्नी के साथ मारपीट नहीं करने का भरोसा दिया। इसके बाद दोनों ने साथ रहने की सहमति जताई। इस तरह एक बार फिर उजड़ता हुआ घर बस गया और रिश्ते को नई जिंदगी मिल गई।
पुलिस परिवार परामर्श केंद्र की ओर से बताया गया कि आज की सुनवाई में 12 मामलों को रखा गया था, जिनमें से 6 मामलों का सफलतापूर्वक समझौता कराया गया। समझौता कराने में केंद्र की संयोजिका आरती कुमारी, सदस्य अधिवक्ता दिलीप कुमार दीपक, स्वाति वेश्यन्तरी, बबीता चौधरी, जीनत रहमान सहित अन्य सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
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