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निर्माणाधीन व्यवहार न्यायालय भवन का अवर न्यायाधीश ने ली निर्माण गुणवत्ता व प्रगति की जानकारी


शनिवार को धमदाहा मुख्यालय स्थित निर्माणाधीन व्यवहार न्यायालय भवन का संयुक्त रूप से न्यायिक एवं प्रशासनिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान अवर न्यायाधीश शैलेश कुमार (मुंसिफ) के साथ अनुमंडल पदाधिकारी कपिल देव कुमार, अनुपम कुमार, अंचलाधिकारी कुमार रवीन्द्र नाथ तथा संबंधित विभागों के पदाधिकारी मौजूद रहे।
निरीक्षण के क्रम में अवर न्यायाधीश शैलेश कुमार ने भवन निर्माण की वर्तमान स्थिति, कार्य प्रगति एवं गुणवत्ता को लेकर गहन समीक्षा की। मौके पर उपस्थित अभियंता से भवन निर्माण से संबंधित तकनीकी पहलुओं पर विस्तृत पूछताछ की गई। न्यायाधीश ने निर्माण में उपयोग किए जा रहे कंक्रीट, सीमेंट, बालू एवं लोहे की गुणवत्ता का स्वयं निरीक्षण कर जानकारी प्राप्त की और स्पष्ट निर्देश दिया कि किसी भी स्तर पर मानकों से समझौता नहीं किया जाएगा।
अवर न्यायाधीश ने निर्माण कार्य की गति पर संतोष जताते हुए इसे और तेज़ करने का निर्देश दिया, ताकि न्यायालय भवन का निर्माण समयबद्ध तरीके से पूर्ण किया जा सके। उन्होंने कहा कि व्यवहार न्यायालय आम जनता से सीधे जुड़ा हुआ संस्थान है, इसलिए भवन की मजबूती, सुरक्षा और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने भी निर्माण से जुड़ी व्यवस्थाओं पर अपनी राय रखी। अनुमंडल पदाधिकारी कपिल देव कुमार ने कहा कि प्रशासन की ओर से निर्माण कार्य में हर संभव सहयोग दिया जा रहा है और किसी प्रकार की प्रशासनिक बाधा नहीं आने दी जाएगी। वहीं अंचलाधिकारी कुमार रवीन्द्र नाथ ने भूमि एवं अन्य राजस्व संबंधित बिंदुओं पर स्थिति स्पष्ट की।
इस मौके पर कार्यपालक पदाधिकारी रविंद्र कुमार, अमित कुमार पाठक, कार्यपालक पदाधिकारी दिव्या कुमारी एवं स्वच्छता अधिकारी नगमा नाज़ भी उपस्थित रहीं। सभी अधिकारियों ने निर्माण कार्य की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया और समन्वय के साथ कार्य को आगे बढ़ाने की बात कही।
निरीक्षण के अंत में अवर न्यायाधीश ने अभियंता एवं संबंधित एजेंसी को निर्देश दिया कि निर्माण कार्य की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए और गुणवत्ता रिपोर्ट समय-समय पर प्रस्तुत की जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि न्यायिक भवन का निर्माण केवल एक ढांचा नहीं, बल्कि न्याय व्यवस्था की रीढ़ है, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी।
संयुक्त निरीक्षण से यह स्पष्ट संकेत मिला है कि प्रशासन एवं न्यायिक तंत्र दोनों इस परियोजना को लेकर गंभीर हैं और जल्द ही धमदाहा को एक सुदृढ़ व आधुनिक व्यवहार न्यायालय भवन मिलने की उम्मीद है।

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