कटिहार जिले के कोढ़ा प्रखंड अंतर्गत उत्तरी सिमरिया पंचायत के वार्ड संख्या 3 में बसी आबादी आज भी बुनियादी सुविधा—पुल—के अभाव में जूझ रही है। यहां बहने वाली जोड़घाट नदी के दोनों किनारों पर बड़ी संख्या में ग्रामीण रहते हैं, लेकिन आवागमन के लिए कोई स्थायी पुल नहीं होने से लोगों को रोजाना भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।बरसात के मौसम में स्थिति और गंभीर हो जाती है। नदी का जलस्तर बढ़ते ही आवागमन लगभग ठप हो जाता है, जिससे स्कूल जाने वाले बच्चे, मरीज और मजदूरों की दिनचर्या बुरी तरह प्रभावित होती है। सबसे अधिक मार किसानों पर पड़ती है, क्योंकि अधिकांश कृषि भूमि नदी के उस पार स्थित है। फसल कटाई के बाद ढुलाई के समय उन्हें नाव या अस्थायी साधनों का सहारा लेना पड़ता है, जो महंगा और जोखिम भरा है।ग्रामीणों ने इस समस्या को लेकर कई बार जनप्रतिनिधियों का ध्यान आकर्षित किया है। जिला परिषद अध्यक्ष रश्मि सिंह और सांसद पप्पू यादव को भी ज्ञापन सौंपकर पुल निर्माण की मांग की जा चुकी है। बावजूद इसके, अब तक कोई ठोस पहल नहीं होने से लोगों में निराशा और आक्रोश बढ़ता जा रहा है।स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रतिदिन हजारों किसान और ग्रामीण इस नदी को पार करते हैं। पुल के अभाव में उन्हें जान जोखिम में डालकर आवाजाही करनी पड़ती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द स्थायी पुल निर्माण की मांग की है।
जोड़घाट नदी पर पुल नहीं, हजारों ग्रामीण रोज जोखिम में — किसान सबसे ज्यादा प्रभावित
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