Top News

गया जिला के वर्षों से लंबित योजनाएं सरकार की अनदेखी से कोई अधूरा, तो कोई शुरू भी नहीं हुआ - कांग्रेस

* गया से आशीष कुमार कि रिपोर्ट
  
   अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी के सदस्य सह मगध प्रमंडल कांग्रेस प्रवक्ता प्रो विजय कुमार मिठू, किसान कांग्रेस के जिलाध्यक्ष युगल किशोर सिंह, विद्या शर्मा, नगर निकाय कांग्रेस संयोजक पूर्व पार्षद शशि किशोर शिशु, इंटक के प्रदेश सचिव अशोक सिंह, युवा इंटक के मगध प्रमंडल अध्यक्ष धीरेन्द्र कुमार, कांग्रेस सेवादल के प्रदेश महासचिव अमरजीत कुमार, जिला मुख्य संगठक टिंकू गिरी, युवा कांग्रेस के मो अजहरुद्दीन, विनोद उपाध्याय, राजेश्वर पासवान, सुरेन्द्र मांझी, विनय कुमार सिन्हा, श्रवण पासवान आदि ने कहा कि गया जिला के सिचाई की महत्वाकांक्षी तिलैया ढा ढर परियोजना, जो झारखंड राज्य के तिलैया डैम से पानी नहीं मिलने के कारण 300 करोड़ की लागत से फतेहपुर के  दोनैया गांव में डैम सूखा पड़ा हुआ है, जबकि यह योजना नौ वीं पंचवर्षीय योजना के तहत सन् 1982 यानी 40 साल पहले शुरू हुआ था।
      नेताओ ने कहा की सन् 2020 में विहार विधान सभा के चुनावी स्टंट बना कर सूबे के मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी ने वीडियो कॉफ्रेंसिंग से इस सूखे डैम का उद्घाटन भी किए थे, परंतु जब तक झारखंड राज्य के तिलैया डैम से इस डैम में पानी नहीं आएगा, तब तक सिंचाई के लिए हजारों हेक्टेयर जमीन को पानी नहीं मिलेगी, जिसके लिए केंद्र सरकार द्वारा दो राज्यो के पानी के मामले सुलझाने हेतु बने वॉटर ट्रिब्यूनल में बिहार सरकार के जल संसाधन विभाग को अपील कर मामले को स्लताने एवम् तिलैया डैम से पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु आदेश लेना होगा, जिसे अभी तक नहीं होने से चालीस साल पहले की योजना लंबित है।
      दूसरी योजना सन् 2008 से गया जिला के वजीरगंज प्रखंड के ऐरू ग्राम में शिलान्यास किया हुआ स्टील प्रोसेसिंग यूनिट का निर्माण कार्य 14 वर्षों के बाद भी शुरू नहीं हुआ है
      नेताओ ने कहा की 2020 में विधानसभा चुनाव के समय गया के जिला अधिकारी उद्योग विभाग के अधिकारियों के साथ एरू गांव का दौरा कर वहां के लोगों को आश्वस्त किए थे की बहुत जल्द निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा, परंतु चौदह वर्ष बीतने के बाद भी निर्माण नहीं होने के पीछे कारण यह है कि सन् 2008 से 2013 पांच वर्षों तक पहले बिहार सरकार एन आे सी देने में बिना कोई कारण देरी किया फिर 2014 से केंद्र की मोदी सरकार ने अभी तक इसके निर्माण कार्य शुरू करने का आदेश नहीं दिया है।नेताओ ने कहा की इन दोनों योजनाओं के लिए वर्षों से संघर्ष समिति, गया, पटना से लेकर दिल्ली तक आंदोलन करने का काम करते आ रही है,हजारों बार केंद्र एवम् राज्य सरकार को ज्ञापन भी दिया गया है, लेकिन सरकार की अनदेखी के कारण एक सिंचाई परियोजना, दूसरा उद्योग की योजना खटाई में पड़ी है, जिससे यहां के किसान, बेरोजगार युवाओं में भयानक आक्रोश है।

Post a Comment

Previous Post Next Post