रूपौली /बालमुकुन्द यादव
रूपौली। क्षेत्र में तेंदुए की लगातार दस्तक से ग्रामीणों में दहशत बढ़ती जा रही है। लगातार ठिकाना बदल रहे तेंदुए की मौजूदगी के संकेत बुधवार सुबह छोटी सिसवा गोरियर गांव में मिले। यहां बांस की झाड़ी के अंदर तेंदुए के पंजे के निशान (फुट प्रिंट) मिले, जबकि झाड़ी से कुछ दूरी पर बकरी के बच्चे के खाए हुए अवशेष भी बरामद हुए। इसके बाद पूरे गांव में सनसनी फैल गई।ग्रामीणों के अनुसार, मंगलवार रात करीब 9 बजे रामानंद मंडल के दरवाजे के पास एक कुत्ते जैसे जानवर को देखा गया। रामानंद मंडल के बेटे ने घर के घेरे के अंदर से लाठी के सहारे उसे भगाने की कोशिश की। इसी दौरान टॉर्च की रोशनी पड़ने पर जानवर की पहचान तेंदुए के रूप में हुई। युवक के शोर मचाने पर आसपास के लोग जुटने लगे, लेकिन तब तक तेंदुआ घर के पीछे स्थित बांस की झाड़ी में जा चुका था।तेंदुए के गांव में घुसने की सूचना के बाद ग्रामीणों ने पूरी रात रतजगा कर अपने घरों और मवेशियों की पहरेदारी की। कई ग्रामीण लाठी, तीर, बरछी और भाला लेकर रातभर सतर्क रहे खासकर गाय-बकरियों को लेकर ग्रामीणों में चिंता बनी रही।बुधवार सुबह पिंटू मंडल ने अपनी गाय के बछड़े के मुंह से खून निकलता देखा। जांच करने पर उसके मुंह पर पंजे के निशान पाए गए। इसके बाद घर में बंधी बकरियों को देखा गया तो एक बकरी का बच्चा गायब मिला। ग्रामीणों ने एकजुट होकर बांस की झाड़ी में उसकी तलाश शुरू की। झाड़ी के अंदर तेंदुए के पंजे के निशान मिले। वहीं कुछ दूरी पर बकरी के बच्चे के खाए हुए अवशेष भी मिले
लगातार दूसरी रात तेंदुए की मौजूदगी
ग्रामीणों ने बताया कि इससे एक रात पहले सोमवार को छोटी सिसवा गोरियर से करीब दो किलोमीटर पूरब-दक्षिण स्थित सैरा टोला में भी तेंदुए की मौजूदगी की बात सामने आई थी। वहां तेंदुए ने पप्पू की गायों पर पंजे से हमला किया था। लगातार दो रात अलग-अलग स्थानों पर तेंदुए के दिखाई देने और मवेशियों पर हमले की घटनाओं से इलाके में भय का माहौल है।ग्रामीणों का कहना है कि तेंदुआ लगातार अपना ठिकाना बदल रहा है। ऐसे में लोगों को आशंका है कि वह आबादी वाले इलाकों के आसपास ही छिपा हो सकता है। ग्रामीणों ने वन विभाग से तत्काल टीम भेजकर इलाके में खोजबीन कराने और तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रखने की मांग की है
फुट प्रिंट की जांच कराएगी वन विभाग की टीम
बनमनखी रेंज के रेंजर रामप्रवेश ठाकुर ने बताया कि तेंदुए की सूचना मिली है। टीम भेजकर मौके पर मिले फुट प्रिंट की जांच कराई जाएगी। ग्रामीणों से भी पूरी जानकारी ली जाएगी और मामले की तह तक पहुंचने का प्रयास किया जाएगा।तेंदुए की लगातार गतिविधियों के बीच ग्रामीणों में रात के समय घर से बाहर निकलने को लेकर डर बना हुआ है। वहीं पशुपालक अपने मवेशियों की सुरक्षा को लेकर विशेष रूप से चिंतित हैं।



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