Top News

राहत देने पहुंचे या मुसीबत बढ़ाने? किट में मिला एक्सपायरी सामान!


 फलका प्रखंड के भंगहा गांव में अगलगी की घटना ने दस परिवारों को बेघर कर दिया है। घर, कपड़े, अनाज, नकदी और गृहस्थी का सामान जलकर राख हो जाने से पीड़ित खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं। इस बीच मंगलवार को अंचल प्रशासन की ओर से वितरित राहत किट में एक्सपायरी सामग्री मिलने के आरोप से राहत व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।

पीड़ित परिवारों के अनुसार, राहत किट में शामिल लाइफबॉय साबुन की वैधता 5 फरवरी 2026 और टाइड सर्फ की वैधता अगस्त 2025 में समाप्त हो चुकी थी। वहीं, डिटॉल लिक्विड की वैधता भी इसी माह समाप्त होने वाली बताई गई। पीड़ितों ने राहत सामग्री की जांच कराकर जिम्मेदार लोगों से जवाब मांगने की अपील की है।

‘बेटा, सब जल गया, पानी पीकर पेट भर लो’

अगलगी के बाद परिवारों के सामने भोजन का संकट भी खड़ा हो गया है। उपेंद्र महलदार की पत्नी तेतरी देवी के बच्चे जब भूख से बिलखते हुए भोजन मांगते हैं, तो बेबस मां के पास उन्हें देने के लिए कुछ नहीं होता। तेतरी देवी बच्चों को समझाते हुए कहती हैं, ‘बेटा, सब कुछ जल गया है, पानी पीकर पेट भर लो।’ आग में घर और खाद्य सामग्री नष्ट होने के बाद परिवार की यह स्थिति पीड़ितों की परेशानी बयां करती है।

राख हुई कमाई, खेती और कर्ज की चिंता

सिकंदर महलदार की पत्नी अरबिना देवी के सामने भी गंभीर आर्थिक संकट है। घर के साथ नकदी जल जाने से उन्हें किसानों के बकाये और खेती के लिए ली गई जमीन की लीज की रकम चुकाने की चिंता सता रही है। रहने का ठिकाना छिनने के साथ आर्थिक जिम्मेदारियों का बोझ बढ़ने से परिवारों के लिए दोबारा जीवन शुरू करना मुश्किल हो गया है।

उषा देवी, धर्मेंद्र कुमार, देवेंद्र कुमार, मंटू शर्मा, अरविंद कुमार शर्मा, मिथिलेश शर्मा, गौतम शर्मा और भोला शर्मा समेत अन्य प्रभावित परिवार भी बदहाली से जूझ रहे हैं।

पीड़ितों ने प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों से तत्काल भोजन, पर्याप्त राशन, जरूरी घरेलू सामग्री और अन्य सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। साथ ही राहत किट में एक्सपायरी सामग्री मिलने के आरोप की जांच कराने की अपील की है। अब पीड़ित परिवारों को भोजन और बुनियादी जरूरतों के लिए प्रशासनिक सहायता का इंतजार है।

Post a Comment

Previous Post Next Post