बनमनखी प्रखंड क्षेत्र के जानकीनगर थाना क्षेत्र के चांदपुर भंगहा पंचायत वार्ड संख्या–04 स्थित प्राथमिक विद्यालय ठाकुरपट्टी में शिक्षा व्यवस्था की जमीनी सच्चाई सरकारी दावों की पोल खोल रही है। बिहार सरकार जहां शिक्षा सुधार के बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं इस विद्यालय की हालत बेहद चिंताजनक बनी हुई है।
विद्यालय में भवन के अभाव के कारण पिछले दो वर्षों से अधिक समय से बच्चों को टेंट में बैठाकर पढ़ाया जा रहा है। प्रधानाध्यापक अमित कुमार ने बताया कि बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो, इसके लिए उन्होंने अस्थायी रूप से टेंट की व्यवस्था कर कक्षाएं संचालित करनी शुरू की थी, लेकिन यह व्यवस्था आज भी जारी है।
इस विद्यालय में प्रथम कक्षा से लेकर पांचवीं कक्षा तक की पढ़ाई होती है। वर्तमान में यहां कुल 144 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं, और नामांकन की प्रक्रिया अभी भी जारी है। इसके बावजूद विद्यालय में पर्याप्त संसाधनों की भारी कमी बनी हुई है।
प्रधानाध्यापक के अनुसार विद्यालय में मात्र दो ही कमरे उपलब्ध हैं, जो इतनी बड़ी संख्या में बच्चों के लिए नाकाफी हैं। वहीं विद्यालय में कुल चार शिक्षक-शिक्षिकाएं कार्यरत हैं, जबकि कक्षाओं के अनुसार शिक्षकों की संख्या भी कम बताई जा रही है। ऐसे में सीमित संसाधनों के बीच शिक्षकों और छात्रों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय ग्रामीणों और समाजसेवियों ने इस समस्या को लेकर कई बार आवाज उठाई है। चांदपुर भंगहा पंचायत निवासी एवं श्रृंगी ऋषि सेवा फाउंडेशन के पूर्णिया जिला प्रबंधक बसंत यादव ने वर्ष 2024 में जिला शिक्षा पदाधिकारी के पास आरटीआई दाखिल कर स्थिति स्पष्ट की थी। आरटीआई के जवाब में विभाग ने भी स्वीकार किया कि विद्यालय में कमरों की कमी है और छात्रों की संख्या अधिक है।
इसके बावजूद अब तक भवन निर्माण की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की गई है। समाजसेवी बसंत यादव ने पूर्णिया सांसद पप्पू यादव को भी इस संबंध में आवेदन सौंपा है और जिला शिक्षा विभाग को कई बार लिखित रूप से अवगत कराया है।
स्थिति यह है कि छोटे-छोटे बच्चे आज भी टेंट में बैठकर पढ़ने को मजबूर हैं, जबकि जिम्मेदार अधिकारी अब तक मौन बने हुए हैं। यह सवाल उठता है कि आखिर कब तक बच्चे ऐसी परिस्थितियों में शिक्षा ग्रहण करने को विवश रहेंगे।
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