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आशा बहाली घोटाला! उम्र में हेराफेरी कर योग्य अभ्यर्थियों को किया बाहर, फर्जी चयन का आरोप


रुपौली/बमबम यादव
पूर्णिया जिले के रूपौली प्रखंड अंतर्गत विजय मोहनपुर पंचायत में आशा कार्यकर्ता की बहाली को लेकर गंभीर अनियमितता और फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए स्थानीय लोगों ने इसे नियमों की खुलेआम अनदेखी बताया है। बताया जा रहा है कि चयन समिति के प्रस्ताव संख्या 4 में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि आवेदन संख्या 2 एवं 3 — उषा कुमारी (पति: गोपाल मंडल) और रीता कुमारी (पति: अशोक मंडल) — को निर्धारित उम्र से कम बताते हुए अयोग्य घोषित कर उनके आवेदन को निरस्त कर दिया गया। लेकिन दस्तावेजों के अनुसार उषा कुमारी की जन्म तिथि 22-04-1984, रीता कुमारी की जन्म तिथि 01-01-1986 और सरिता कुमारी की जन्म तिथि 02-04-1987 है, जिससे साफ है कि उषा और रीता, सरिता कुमारी से उम्र में बड़ी हैं। इसके बावजूद दोनों को “कम उम्र” का हवाला देकर अयोग्य घोषित कर दिया गया, जबकि सरिता कुमारी का चयन कर लिया गया। इतना ही नहीं, दस्तावेजों में भी भारी गड़बड़ी सामने आई है, जहां उषा कुमारी (9वीं उत्तीर्ण) की उम्र 16 वर्ष, रीता कुमारी (8वीं उत्तीर्ण) की उम्र 18 वर्ष और सरिता कुमारी (8वीं उत्तीर्ण) की उम्र 26 वर्ष दर्ज की गई है। इन तथ्यों से साफ जाहिर होता है कि चयन प्रक्रिया में जानबूझकर उम्र में हेराफेरी की गई और योग्य अभ्यर्थियों को बाहर कर फर्जी तरीके से चयन किया गया। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि पूरी प्रक्रिया में नियम-कानून को दरकिनार कर मनमाने तरीके से बहाली की गई है और मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब दस्तावेज खुद सच्चाई बयां कर रहे हैं, तो आखिर किस आधार पर योग्य अभ्यर्थियों को अयोग्य ठहराया गया और क्या यह पूरी बहाली प्रक्रिया पहले से तय थी।

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