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आईसीडीएस के डीपीओ को एसयूवी ने घुस लेते रंगे हाथ किया गिरफ्तार

किशनगंज में निगरानी विभाग की टीम ने कारवाई कर सीडीपीओ सह आईसीडीएस की प्रभारी डीपीओ अनिता कुमारी को घुस की रकम के साथ गिरफ्तार किया है। कारवाई शुक्रवार करीब 9 बजे की है। जहां टीम ने सीडीपीओ को टाऊन थाना से महज पांच सौ मीटर की दूरी स्थित डुमरिया भट्टा पेट्रोल पंप के समीप आवास से घुस की रकम 50 हजार के साथ धर दबोचा है। टीम का नेतृत्व डीएसपी निगरानी लव कुमार के नेतृत्व में आठ सदस्य टीम ने कारवाई की है। इस कारवाई में टीम में महिला अधिकारी व कर्मी मौजूद थी। घूसखोरी की शिकायत 18 फरवरी को निगरानी विभाग में कांड संख्या 8/26 दर्ज कराया गया था। जिसके बाद से टीम में मामले मे हर पहलू पर जांच शुरू कर दी। पूरा मामला सामने आने के बाद टीम गुरुवार की देर रात पटना से किशनगंज पहुंची थी। जिसके बाद मौका देखकर टीम भ्रष्टाचार के विरुद्ध कारवाई की। जांच के दौरान टीम को एक ऑडियो भी मिला था। जिसमें रुपए की मांग की गई थी। कर्मचारी नरेंद्र  कुमार के द्वारा इसकी शिकायत की गई थी। जिसके बाद कारवाई कर सीडीपीओ को थाना लाया गया जहां पूछताछ जारी है। निगरानी डीएसपी लव कुमार ने बताया कि पोठिया प्रखंड में सीडीपीओ का प्रभार दिलाने के नाम पर प्रभारी डीपीओ अनिता कुमारी के द्वारा दस लाख रुपए की मांग की गई थी। शिकायत मिलने के बाद मामला सत्य पाया गया। जिसके बाद कारवाई की गई। उन्होंने कहा कि इसके अलावा डीपीओ की घर की तलाशी ली गई। जहां अलमीरा से चार लाख रुपए भी जब्त गई है। जिसकी भी जांच पूछताछ के दौरान की जा रही है। उन्हें अंदेशा है कि यह रकम भी कहीं घूसखोरी की तो नहीं। बता दें कि दो दिन पूर्व 17 फरवरी को निगरानी की टीम ने खनन विभाग के बड़ा बाबू और चपरासी को ट्रेक्टर छोड़ने के नाम पर आठ हजार व सात हजार रुपए के साथ गिरफ्तार किया था। इससे पूर्व दो दिसंबर को किशनगंज ब्लॉक चौक के समीप राजस्व कर्मचारी को घुस लेते रंगे हाथ ढाई लाख रुपए के साथ गिरफ्तार किया था। इससे पूर्व दस जुलाई को बस स्टैंड के समीप अमीन को एक लाख रुपए के साथ निगरानी विभाग ने कारवाई कर गिरफ़्तार किया था।
बता दे कि किशनगंज की प्रभारी डीपीओ अनिता कुमारी की पहुँच ऊपर तक है। कटिहार जिले के बारसोई में बच्चों का चावल बेचने का भी आरोप है। इसको लेकर बारसोई थाना में मामला दर्ज कराया गया था। मामला दर्ज होने के बाद अपनी पहुँच का इस्तेमाल करके पूर्णियां की डीपीओ बन गई। वहीं जब अनिता कुमारी के खिलाफ गिरफ्तारी का वारंट जारी हुआ तो यहाँ से फरार हो गई और फरार की स्थिती में पहुँच का इस्तेमाल करके किशनगंज जिले की प्रभारी डीपीओ बन गई। जहाँ घुस लेते वह गिरफ्तार हो गई। बताया जा रहा है कि इन जिलों में पदस्थापित रहते हुए डीपीओ अनिता कुमारी ने अकूत संपत्ति बनाई हैं।

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