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संयुक्त कृषि निदेशक को खाद दुकानदार ने जाँच से रोक, दिया बीजेपी नेता होने का धोस

पूर्णिया: किसानों को खाद निर्धारित मूल्य पर और सही खाद मिले इसको लेकर सरकार ने कृषि विभाग के सभी वरीय अधिकारी को खाद दुकान का निरक्षण करने का आदेश दिया है। वहीं रुपौली प्रखंड के संजय एग्रो के बारे में लगातार विभाग को शिकायत भी मिल रही थी। जिसके बाद कृषि संयुक्त निदेशक शष्य पूर्णियाँ ने संजय एग्रो के जाँच हेतु रुपौली पहुँचे। उनके पहुँचने के बाद न सिर्फ जाँच में बाधा पहुँचाया गया बल्कि उनके साथ दुकानदार और उनके परिजन ने बदसलूकी की। और अपने आप को एक बड़े भाजपा नेता होने का धोश जमाया। जिसके बाद कृषि संयुक्त निदेशक शष्य पूर्णियाँ ने संजय एग्रो की जांच हेतु सहायक निदेशक, पौधा संरक्षण, पूर्णिया और प्रखंड कृषि पदाधिकारी, रुपौली के नेतृत्व में छापेमारी टीम का गठन किया है। और 24 घंटे के अंदर छापेमारी कर जाँच रिपोर्ट देने को कहा है।
वही आपको बता दे कि कृषि निदेशक पटना की चिट्ठी के बाद  जिले के थोक और खुदरा उर्वरक विक्रेताओ के बीच हड़कंप मचा है, लगातार कृषि विभाग के द्वारा थोक और खुदरा विक्रेताओं की बैठक कर यूरिया 266.50 रुपया से उपर ना बेचने का आदेश दिया जा रहा है। इसी कड़ी मे संयुक्तकृषि निदेशक शष्य पूर्णियाँ प्रमंडल जांच के लिए संजय एग्रो के प्रतिष्ठान रूपौली पहुचे, जहां प्रतिष्ठान के मलिक के द्वारा संयुक्त कृषि निदेशक शष्य को जांच नही करने दिया गया।संयुक्तकृषि निदेशक शष्य ने अपने आदेश पत्रांक-414 दिनांक-28.6.2021 को आदेश देते हुए पत्र मे लिखा है की उर्वरक बीज कीटनाशक के कालाबाजारी जमाखोरी एवं अन्य अनिमियता पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से अधोहस्ताक्षरी द्वारा दिनांक 27.6.2021 को मेसर्स संजय एग्रो कंपनी रूपौली प्रो० संजय गुप्ता के प्रतिष्ठान का औचक निरीक्षण के क्रम मे प्रतिष्ठान के प्रोपराइटर के द्वारा जांच करने मे रूकावट पैदा करते हुए असहयोग किया गया,जो की उर्वरक अधिनियम आदेश 1985 नियम 28 (1)C एंव 28 (4) का उल्लंघन है,जिसकी जांच हेतु छापेमारी दल का गठन किया गया है।
सुत्रो के अनुसार जो खबर आ रही है जिसके मुताबिक मेसर्स संजय एग्रो के पास खुदरा उर्वरक बेचने का लाइसेंस है,जिसकी आर मे संजय एग्रो कुछ खास थोक विक्रेताओ के चहेता माना जाता है। रूपौली प्रखंड मे करीब 50 लाइसेंसधारी खुदरा उर्वरक विक्रेता है,पर ऐसा कहा जाता है की थोक विक्रेता संजय एंग्रो सहित तीन से चार खाद विक्रेता को ही खाद देते है, जिसमे संजय एग्रो प्रमुख है। रूपौली के एक खुदरा विक्रेता ने नाम ना छापने के शर्त पर बताया की दरसल संजय एग्रो ही गुलाबबाग के थोक विक्रेताओ के माल को बल्क मे खरिदकर ट्रेडिंग करता है, अगर रूपौली प्रखंड का कोई खुदरा विक्रेता गुलाबबाग के थोक विक्रेताओ से यूरिया सहित अन्य खाद मांगता है, तो उससे कहा जाता है की संजय एग्रो के प्रोपराइटर से संम्पर्क करे, बिना उसके अनुमति माल नही मिलेगा। जिसके चलते रुपौली प्रखंड में खाद उंची कीमत पर मिलता है।कहा ये भी जा रहा है की संजय एग्रो कंपनी के बदौलत रूपौली प्रखंड के कई गांवो मे कई गैर लाइंसेंसी दुकान चल रहे है, जिसे खाद संजय एग्रो कंपनी के द्वारा दिया जाता है। 
संयुक्त कृषि निदेशक के द्वारा जांच के आदेश देते हुए छापेमारी दल का गठन किया है। मगर उनके साथ हुए बदसलूकी के 24 घंटे गुजर जाने के बाद गलत माल को हटाने का वक़्त काफी है। जाँच के लिए रोकना अपने आप मे एक अपराध है जिसके तहत दुकान का लाइसेंस रद्द करने का प्रावधान है।
अब देखने वाली बात ये है की जांच के दौरान क्या कारवाई होती है,या फिर पूर्व के अन्य मामलों की तरह भी ये ठंडे बस्ते मे चला जाएगा?

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