गया। नगर प्रखंड के दुबहल गांव के गोचर मैदान में नवनिर्मित हनुमान जी की प्राण प्रतिष्ठा सह श्री श्री मारुति महायज्ञ से पहले मंगलवार को पावन, दिव्य एवं भव्य कलश यात्रा निकाली गई। गाजे- बाजे और ढोल-ताशे के साथ 5 किलोमीटर लंबी शोभायात्रा में हजारों की संख्या में महिलाएं और युवतियां शामिल रही। विष्णुपद मंदिर के पूर्वी तट पर स्थित सीता कुंड से हजारों महिलाओं ने कलश में फल्गु का पवित्र जल भरा। इसके बाद यह कलश यात्रा शहर के विभिन्न मार्गो से होते हुए पुन: दुबहल ग्राउंड आकर संपन्न हुई। कलश यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। जय श्री राम और जय हनुमान के जयकारे से पूरा मार्ग गुंजायमान हो उठा। कलश यात्रा में ऊंट, घोड़ा और रथ पर सवार मनमोहक झांकी आकर्षण का केंद्र बिंदु रहा। कलश यात्रा पीले वस्त्र धारण किए महिलाएं सिर पर कलश लेकर जय श्री राम के नारे लगाते दिखाई दी। जबकि पुरुष सिर पर साफा बांधे ताली बजाते हुए आगे बढ़ रहे थे। महिलाओं के साथ-साथ बालिकाओं का भी विशाल जत्था चल रहा था। सभी राम नाम की धुनी में लीन रहे। कलश यात्रा के साथ शहर की सड़कों पर आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। बैंड- बाजे और डीजे के धुन पर लोग झूमते-नाचते हुए सीता कुंड पहुंचे। झारखंड के रामगढ़ जिले से आई ताशा पार्टी ने ढोल बजाते हुए वातावरण को भक्तिमय कर दिया। सीता कुंड में फल्गु तट पर पूज्या श्री साध्वी प्रियंका शास्त्री दीदी जी के निर्देशन में पूरे वैदिक मंत्रोच्चारण और विधि विधान के साथ कलश में पवित्र जल भरकर पवित्र ग्रंथ श्रीमद् भागवत की विशेष पूजा अर्चना की गई। विश्व कल्याण एवं राष्ट्र की उन्नति और खुशहाली के लिए 11 कुंडीय महायज्ञ का आयोजन पूरे विधि विधान के साथ 11 फरवरी तक किया जाएगा।यज्ञ स्थल पर विशाल यज्ञ मंडप, हवन कुंड और धर्म ध्वज का निर्माण किया गया है। नवीन पक्की यज्ञशाला में वेदी पर देवी देवताओं के प्रतिरूप में नवग्रह बनाया गया है। परम तपस्वी संत श्री श्री रामेश्वर दास त्यागी जी महाराज के आचार्य तत्व में पूरी विधि विधान और धार्मिक रीति रिवाज के अनुसार 4 फरवरी दिन बुधवार को पंचांग पूजन मंडप प्रवेश, 5 फरवरी दिन बृहस्पतिवार को बजरंगबली की प्रतिमा का भ्रमण, 6 फरवरी दिन शुक्रवार को जलाधिवास, 7 फरवरी दिन शनिवार को वस्त्राधिवास, 8 फरवरी दिन रविवार को पुष्पाधिवास, 9 फरवरी दिन सोमवार को अन्नाधिवास एवं 10 फरवरी दिन मंगलवार हनुमान जीकी मूर्ति की स्थापना और लोकार्पण, 11 फरवरी दिन बुधवार को पूर्णाहुति के साथ महायज्ञ संपन्न होगा। उसके बाद विशाल भंडारा एवं संतो की विदाई होगी। यज्ञ में आए हुए श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए महिला और पुरुषों के लिए अलग-अलग परिक्रमा पथ बनाए गए हैं। संतों-महात्माओं के रहने के लिए कुटिया और पंडाल तैयार किए गए हैं। महायज्ञ में तपस्वी संत श्री श्री रामेश्वर दास त्यागी जी महाराज पधारेंगे। वही वृंदावन से आए कथा प्रवक्ता पूज्या साध्वी प्रियंका शास्त्री दीदी जी के द्वारा संध्या 7:00 बजे से रात्रि 10:00 बजे तक राम कथा पर प्रवचन दिया जाएगा। इसके बाद रात्रि मे प्रतिदिन मथुरा से आए कलाकारों द्वारा राम लीला का मंचन किया जायेगा। 11 फरवरी को महा यज्ञ की पूर्णाहुति होगी इसके बाद महा भंडारा का आयोजन किया जाएगा।महायज्ञ की शोभा बढ़ाने के लिए वृन्दावन के पूज्य संत गोपेश जी महाराज एवं गोपाल जी महाराज जी का आगमन होगा। शोभायात्रा में अध्यक्ष अतुल सिंह, सचिव नारायण सिंह,कोषाध्यक्ष ऋषि सिंह, राहुल सिंह, विकास सिंह, चंदन सिंह, सदस्य मुखिया बबलू सिंह, राजा सिंह, सोनू सिंह मोनू सिंह, शशिकांत मिश्रा समेत बड़ी संख्या में यज्ञ कमेटी के सदस्य और दुबहल ग्राम की जनता की उपस्थिति रही।
गया। नगर प्रखंड के दुबहल गांव के गोचर मैदान में नवनिर्मित हनुमान जी की प्राण प्रतिष्ठा सह श्री श्री मारुति महायज्ञ से पहले मंगलवार को पावन, दिव्य एवं भव्य कलश यात्रा निकाली गई
DB
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