लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के संस्थापक, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं जननेता स्वर्गीय रामविलास पासवान की जयंती पर रविवार को श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर लोजपा के वरिष्ठ नेता माधव सिंह ने उनके तैल चित्र पर पुष्प अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
माधव सिंह ने कहा कि स्वर्गीय रामविलास पासवान बिहार ही नहीं, बल्कि देश के उन चुनिंदा नेताओं में थे जिन्होंने अपने लंबे राजनीतिक जीवन में सामाजिक न्याय, लोकतांत्रिक मूल्यों और गरीब, दलित, शोषित एवं वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए लगातार संघर्ष किया। उन्होंने केंद्र सरकार में कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी निभाई और अपने अंतिम कार्यकाल में उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री के रूप में सेवाएं दीं।
उन्होंने कहा कि रामविलास पासवान नौ बार लोकसभा सदस्य और दो बार राज्यसभा सांसद रहे। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत संयुक्त समाजवादी पार्टी से की और आपातकाल का खुलकर विरोध किया, जिसके कारण उन्हें जेल भी जाना पड़ा। वर्ष 1977 में वे हाजीपुर से जनता पार्टी के उम्मीदवार के रूप में पहली बार लोकसभा पहुंचे।
माधव सिंह ने कहा कि स्वर्गीय पासवान का संपूर्ण सार्वजनिक जीवन समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए समर्पित रहा। उनका संघर्ष, सेवा, समरसता और जनकल्याण का संदेश आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा।
कार्यक्रम में उपस्थित पार्टी कार्यकर्ताओं एवं समर्थकों ने भी स्वर्गीय रामविलास पासवान के तैल चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी तथा सामाजिक न्याय, समरसता और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
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