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पोठिया प्रमुख की कुर्सी बची, अविश्वास प्रस्ताव कोरम के अभाव में धड़ाम

पोठिया प्रखंड प्रमुख शाद मुबारक अली के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव आखिरकार शनिवार को कोरम के अभाव में धराशायी हो गया। सुबह से शाम तक प्रखंड मुख्यालय में हाई वोल्टेज राजनीतिक ड्रामा चलता रहा, लेकिन जब मतदान की घड़ी आई तो आवश्यक संख्या पूरी नहीं होने के कारण पूरा मामला ठंडा पड़ गया। इसके साथ ही प्रमुख की कुर्सी फिलहाल सुरक्षित बच गई।

शनिवार को प्रखंड सभागार में विशेष बैठक बुलाई गई थी। बैठक को लेकर पूरे दिन प्रखंड मुख्यालय में भारी गहमागहमी रही। पंचायत समिति सदस्यों, समर्थकों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं की भीड़ सुबह से ही जुटने लगी थी। हर किसी की नजर इस बात पर टिकी थी कि क्या प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित होगा या फिर मामला पलट जाएगा।
जानकारी के अनुसार, अविश्वास प्रस्ताव लाने वाले पक्ष की ओर से 17 पंचायत समिति सदस्य बैठक में मौजूद रहे। विपक्षी सदस्य लगातार मतदान कराने की मांग करते रहे। कई बार माहौल भी गर्माया। आरोप, प्रत्यारोप और बहस का दौर चलता रहा। लेकिन निर्वाची पदाधिकारी सह बीडीओ मो. आसिफ ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश और पंचायती राज विभाग के नियमों के अनुसार पहले दो तिहाई सदस्यों की उपस्थिति अनिवार्य है। बिना कोरम के मतदान कराना पूरी तरह नियम विरुद्ध होगा।

बीडीओ ने बैठक में मौजूद सदस्यों को कानूनी प्रावधानों की जानकारी देते हुए कहा कि कुल निर्वाचित पंचायत समिति सदस्यों में आवश्यक संख्या पूरी नहीं होने के कारण अविश्वास प्रस्ताव स्वतः निष्प्रभावी माना जाएगा। इसके बाद मतदान की प्रक्रिया शुरू ही नहीं हो सकी।

बैठक के दौरान कई बार स्थिति तनावपूर्ण होती दिखी। अविश्वास प्रस्ताव लाने वाले पक्ष के सदस्य अपनी बात जोरदार तरीके से रखते नजर आए। दूसरी ओर प्रमुख समर्थकों के चेहरों पर राहत साफ दिखाई दी। जैसे ही कोरम पूरा नहीं होने की आधिकारिक घोषणा हुई, सभागार के बाहर राजनीतिक चर्चाओं का दौर और तेज हो गया।

बैठक समाप्त होने के बाद विपक्षी खेमे के मो. जाकिर, बाबुल आलम समेत अन्य पंचायत समिति सदस्यों ने कहा कि उनकी लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित किया गया है। विपक्षी सदस्यों ने कहा कि वे कानून और संविधान के दायरे में रहकर आगे भी अपनी लड़ाई जारी रखेंगे। उनका कहना था कि सच्चाई की जीत होकर रहेगी।

उधर राजनीतिक जानकारों का मानना है कि कोरम पूरा नहीं होना प्रमुख शाद मुबारक अली के लिए बड़ी राहत साबित हुआ है। हालांकि इस पूरे घटनाक्रम ने पोठिया की राजनीति को और गरमा दिया है। आने वाले दिनों में पंचायत राजनीति में खींचतान और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।

गौरतलब है कि प्रमुख शाद मुबारक अली के खिलाफ कई आरोप लगाते हुए विपक्षी पक्ष ने अविश्वास प्रस्ताव पेश किया था। इसी को लेकर विशेष बैठक आहूत की गई थी। लेकिन जरूरी संख्या नहीं जुट पाने के कारण मामला मतदान तक पहुंच ही नहीं सका और प्रस्ताव स्वतः गिर गया।

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