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“वंदे मातरम् थोपना बर्दाश्त नहीं” : अख्तरुल ईमान का ऐलान, एआईएमआईएम करेगी सड़क से सदन तक संघर्ष

बिहार सरकार द्वारा राज्य के सभी सरकारी कार्यक्रमों और शैक्षणिक संस्थानों में राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ का गायन अनिवार्य किए जाने के फैसले पर एआईएमआईएम
 ने कड़ी आपत्ति जताई है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान ने बुधवार को किशनगंज स्थित पार्टी कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान सरकार के इस निर्णय को “असंवैधानिक” बताते हुए सड़क से सदन तक आंदोलन करने की घोषणा की।
उन्होंने कहा कि किसी भी कानून या सरकारी आदेश को लागू करने से पहले सुप्रीम कोर्ट और उच्च न्यायालयों के फैसलों का ध्यान रखा जाना चाहिए। उनका दावा था कि मद्रास हाई कोर्ट सहित कई अदालतें पूर्व में इस प्रकार के मामलों पर टिप्पणी कर चुकी हैं।
अख्तरुल ईमान ने कहा कि पार्टी पहले मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और संबंधित विभाग को ज्ञापन सौंपकर अपनी आपत्ति दर्ज कराएगी। इसके बाद भी फैसला वापस नहीं लिया गया तो एआईएमआईएम सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन करेगी।
उन्होंने कहा, “वंदे मातरम् का गायन हमारी धार्मिक मान्यताओं के खिलाफ है। हम एक ईश्वर को मानते हैं और मूर्ति पूजा नहीं करते। हमारी आस्था और धार्मिक भावनाओं का सम्मान होना चाहिए।” उन्होंने इसे सेकुलरिज्म के खिलाफ बताते हुए कहा कि संविधान से ऊपर कोई नहीं है और उनकी पार्टी इस “असंवैधानिक फरमान” को स्वीकार नहीं करेगी। एआईएमआईएम प्रदेश अध्यक्ष ने सरकार से इस निर्णय पर तत्काल रोक लगाने की मांग की।


इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ईंधन की बचत और एक वर्ष तक सोना नहीं खरीदने की अपील पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकार लगातार वाहनों के लाइसेंस जारी कर रही है, वहीं दूसरी तरफ पेट्रोल बचाने की सलाह दे रही है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “जब पिता दिवालिया हो जाता है तो कहता है कि अभी कपड़ा मत लो, मेला मत घूमो। आज केंद्र सरकार की स्थिति भी वैसी ही हो गई है।”उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा शासनकाल में रुपये की कीमत में सबसे ज्यादा गिरावट आई है। साथ ही बिहार सरकार पर उर्दू भाषा की अनदेखी करने का भी आरोप लगाया। पत्रकार वार्ता में विधायक सरवर आलम, नसीम अख्तर समेत कई पार्टी कार्यकर्ता और नेता मौजूद रहे।

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