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भारत-नेपाल सीमा पर एसएसबी की बड़ी कार्रवाई: भारी मात्रा में हथियारों से जुड़ा सामान बरामद, 6 तस्कर गिरफ्तार

भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा बलों द्वारा चलाए जा रहे विशेष निगरानी अभियान के तहत 56वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) बथनाहा ने एक बड़ी और महत्वपूर्ण कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस कार्रवाई में हथियारों से जुड़े सामान, भारी मात्रा में संदिग्ध सामग्री बरामद की गई है तथा छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई सीमा क्षेत्र में सक्रिय तस्करी नेटवर्क पर एक बड़ी चोट मानी जा रही है।

सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, एसएसबी की “डी” समवाय कुशमाहा अंतर्गत सीमा चौकी बेरियारी के जवान नियमित गश्ती और निगरानी अभियान पर थे। इसी दौरान भारत-नेपाल सीमा स्तंभ संख्या 178 के समीप भारतीय क्षेत्र के लगभग 300 मीटर अंदर कुछ संदिग्ध गतिविधियां देखी गईं। जवानों ने बिना समय गंवाए इलाके की घेराबंदी करते हुए तत्काल कार्रवाई की और मौके पर मौजूद लोगों को पकड़ने की कोशिश की।
कार्रवाई के दौरान तस्करी के लिए उपयोग किए जा रहे कई सामानों को बरामद किया गया, जिन्हें भारत से नेपाल की ओर ले जाने की तैयारी की जा रही थी। बरामद सामानों में 5.56 एमएम के 73 खाली कारतूस, 9 एमएम के 7 खाली कारतूस, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, लगभग 150 किलोग्राम मानव बाल, करीब 30 किलोग्राम धातु उपकरण तथा 6 साइकिल शामिल हैं। इतनी बड़ी मात्रा में कारतूस और संदिग्ध सामग्री की बरामदगी ने सुरक्षा एजेंसियों को भी सतर्क कर दिया है।

इस दौरान एसएसबी जवानों ने मौके से छह व्यक्तियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नासिर अहमद (43), रफीकुल शेख (42), बिलाल शेख (46), जुल्फीकार एसके (37), अनिशूर शेख (51) और राजन अली शेख (37) के रूप में हुई है। सभी आरोपी पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के निवासी बताए जा रहे हैं।

प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि ये सभी व्यक्ति लंबे समय से घूम-घूमकर कबाड़ी का काम करते थे और इसी पेशे की आड़ में सीमा पार संदिग्ध गतिविधियों को अंजाम देने में शामिल थे। सुरक्षा एजेंसियों को शक है कि इस नेटवर्क के तार केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इसके पीछे संगठित अंतरराज्यीय और संभवतः अंतरराष्ट्रीय गिरोह भी सक्रिय हो सकते हैं।

विशेष रूप से कारतूसों की बरामदगी ने मामले को और गंभीर बना दिया है। सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार खाली कारतूसों की तस्करी अक्सर आपराधिक नेटवर्क, अवैध हथियार सप्लाई चेन और सीमा पार गतिविधियों से जुड़ी होती है। इसी आधार पर एजेंसियां अब पूरे नेटवर्क की गहन जांच में जुट गई हैं।

इसके साथ ही गिरफ्तार व्यक्तियों की भाषा शैली और व्यवहार को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां इस बात की भी जांच कर रही हैं कि कहीं इनके तार बांग्लादेश से जुड़े किसी नेटवर्क से तो नहीं हैं। हालांकि, अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और जांच जारी है।

एसएसबी ने सभी आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद गिरफ्तार आरोपियों और बरामद सामान को आगे की कार्रवाई के लिए जोगबनी थाना को सौंप दिया है। पुलिस अब पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इस तस्करी रैकेट में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा इसका मुख्य सरगना कौन है।

भारत-नेपाल सीमा पर हुई इस कार्रवाई को सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी सफलता माना जा रहा है, जो सीमा पार होने वाली अवैध गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

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