सीमावर्ती जोगबनी रेलवे स्टेशन के मुख्य द्वार पर बनाए गए कूड़ेदान से यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कूड़ेदान से उठ रही भयानक बदबू के कारण स्टेशन से गुजरने वाले यात्रियों, स्थानीय दुकानदारों और खानपान दुकान के संचालकों को गंभीर दिक्कतें हो रही हैं। बताया जाता है कि मुख्य प्रवेश द्वार के ठीक बगल में स्थित इस कूड़ेदान की नियमित सफाई नहीं होने से वहां कचरा जमा रहता है, जिससे दुर्गंध फैलती रहती है। खासकर कड़ी धुप होने पर स्थिति और भी बदतर हो जाती है। यात्रियों का कहना है कि बदबू के कारण सांस लेना तक मुश्किल हो जाता है और संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका बनी रहती है।
खानपान दुकानों पर असर
कूड़ेदान के समीप रेलवे द्वारा लीज़ पर दी गई खानपान की दुकानों और होटलों पर इसका सीधा असर पड़ रहा है। दुकानदारों का कहना है कि बदबू के कारण ग्राहक बैठकर खाना नहीं खा पाते, जिससे व्यवसाय प्रभावित हो रहा है।
खुले में शौच से बढ़ी समस्या
स्थानीय लोगों के अनुसार, कुछ लोग कूड़ेदान के आसपास ही शौच कर देते हैं, जिससे स्थिति और गंभीर हो जाती है। इससे न सिर्फ दुर्गंध बढ़ती है, बल्कि स्वच्छता व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं।
स्थान चयन पर उठे सवाल
स्थानीय नागरिकों का मानना है कि जब जोगबनी में रेलवे की पर्याप्त खाली जमीन उपलब्ध है, तो मुख्य द्वार के ठीक बगल में कूड़ेदान बनाने का निर्णय लेने से पहले रेल प्रशासन को विचार-विमर्श करना चाहिए था। उनका कहना है कि प्रवेश द्वार के बगल बाली स्थान पर कूड़ेदान बनाना उचित नहीं है।
प्रशासन से मांग
लोगों ने रेलवे के वरीय अधिकारियों से मांग की है कि कूड़ेदान की नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए। मुख्य द्वार से कूड़ेदान को किसी अन्य उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित करने पर विचार किया जाए।
स्वच्छता और स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर तत्काल संज्ञान लिया जाए। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि रेल प्रशासन शीघ्र ही इस गंभीर समस्या पर कार्रवाई करेगा, ताकि यात्रियों और दुकानदारों को राहत मिल सके।
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