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शिक्षक नियुक्ति नियमावली में बदलाव राजनीति से प्रेरित- श्रवण अग्रवाल

 


पटना/सिटी हलचल न्यूज़

राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्रवण कुमार अग्रवाल ने बिहार राज्य विद्यालय अध्यापक नियमावली में राज्य सरकार के द्वारा किए गए संशोधन को गलत करार देते हुए कहा कि राज्य की महागठबंधन सरकार बिहार के छात्रों के जीवन के साथ खिलवाड़ कर रही है। राष्ट्रीय प्रवक्ता अग्रवाल ने राज्य के शिक्षा मंत्री प्रोफेसर चंद्रशेखर के द्वारा बिहारी छात्रों के प्रतिभा और उनके पढ़ाई पर दिए गए बयान को काफी दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि राज्य के शिक्षा मंत्री अपने बयान से बिहार और बिहारी छात्रों का अपमान कर रहे हैं, राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी उनके बयान का कठोर शब्दों में निंदा करती है। बिहार के छात्र कोटा दिल्ली बेंगलुरु तथा देश के अन्य शिक्षण संस्थानों में पढ़ाते हैं और बिहार के छात्रों ने अपने प्रतिभा का पूरे देश में परचम लहराया है


बड़ी संख्या में बिहार के छात्र प्रतिवर्ष संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा में अपनी प्रतिभा और शिक्षा का परचम लहराते हैं ऐसे में शिक्षा मंत्री के द्वारा बिहार के छात्रों के अंग्रेजी, गणित, कंप्यूटर और विज्ञान के विषयों पर प्रश्नचिन्ह उठाना शर्मनाक है। राष्ट्रीय प्रवक्ता अग्रवाल ने कहा कि शिक्षक बहाली में डोमिसाइल की नीति को खत्म कर दूसरे राज्य के छात्रों के लिए रास्ता खोलना सरकार की मंशा और नियत पर सवाल उठाता है, ऐसा प्रतीत होता है कि राज्य सरकार शिक्षक बहाली की प्रक्रिया को बाधित कर टालना चाहती है। राष्ट्रीय प्रवक्ता श्रवण कुमार अग्रवाल ने आगे कहा कि हरियाणा और मध्य प्रदेश में बड़े पैमाने पर बी.ई.ड एवं डीएलएड की फर्जी डिग्री खरीद फरोस्त किया जाता है, इस फर्जी डिग्री का उपयोग भी शिक्षक बहाली में करने की आशंका है

कहीं न कहीं बिहार के शिक्षा विभाग के द्वारा उस प्रदेश के दलालों और बिचौलियों के साथ मिलीभगत करके ऐसा कदम उठाया गया है, इससे पहले भी शिक्षक बहाली में फर्जी डिग्री का मामला उजागर हुआ था। अग्रवाल ने आगे कहा कि जब उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव विपक्ष के नेता थे तो उन्होंने ही कहा था कि डोमिसाइल नीति लाकर बिहार के लोगों को शत-प्रतिशत नौकरी दी जायेगी, परन्तु उनके ही सरकार द्वारा घोषणा से बिहार के लोगों को नौकरी नहीं मिलेगी और बेरोजगारी बढ़ेगी जिसे दूसरे राज्य में पलायन भी तेजी से बढे़गा। सरकार का कहना है कि रिक्तियों की खाली रहने के कारण दूसरे राज्यों के लोगों को मौका दिया जा रहा है, परन्तु हकीकत तो यह है, कि नौजवान डिग्री लेकर घूम रहे हैं और बिहार सरकार की गलत नीतियों की वजह से उन्हें रोजगार नहीं मिल रहा है।

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