मुरलीगंज से संजीव कुमार की रिपोर्ट
मधेपुरा : समता सेक्युलर मोर्चा के छात्र सभा अध्यक्ष मिलन कुमार यादव ने कहा कि देश के 10 लाख बैंक कर्मियों के द्वारा की गई दो दिवसीय हड़ताल सिर्फ बैंक कर्मियों के हित में नहीं, बल्कि आम लोगों और देश की जनता के हित में है। हमारे आपके हित में है। क्योंकि बैंक के निजीकरण से करोड़ों लोगों को नुकसान तो होगा ही, बैंकिंग सेवा भी महंगी होगी। गरीब जनता के लिए घातक होगी। निजी बैंक में मिनिमम 5 से 10 हजार रूपए में खाता खुलते हैं। सरकारी बैंकों में जीरो बाइलेंस पर भी खाता खुलता है
आज 97 - 98 प्रतिशत खाता सरकारी बैंकों में है। आज 99 प्रतिशत मुद्रा लोन सरकारी बैंकों से दिया गया है। बैंक कर्मियों में असुरक्षा की भावाना आएगी। जो लोग 3 से 4 प्रतिशत पर लोन लेकर रोजगार करते हैं, वो भी बंद हो जाएगा। उन तमाम व्यक्तिगत खाताधराकों का नुकसान होगा, जो सरकारी गाइरंटी पर बैंक में पैसा रखते हैं। क्योंकि वे सरकार बैंक पर भरोसा करते हैं। बेहद कम संसाधन में सरकारी बैंक द्वारा सेवा की जाती है, जो निजी बैंकों से संभव नहीं है।छात्र सभा अध्यक्ष मिलन ने कहा कि हमारा संविधान आर्थिक समानता और आर्थिक न्याय दिलाने की कोशिश करता है। संवधिान की धारा 38 बी में कहा गया है कि राज्य हर वो प्रयास करेगा, जिससे आर्थिक असमानता दूर होगा। जब देश की हालत सही नहीं है, ऐसे में निजी करण बेहद घातक कदम है। इससे गरीबी और बेरोजगारी बढ़ेगी
अप्रत्यक्ष रूप से निजी करण का शिकार देश की आम जनता ही होगी। सरकार इसी सत्र में दो बिल लाकर दो बैंकों का निजी करण करने वाली थी। जिसके खिलाफ ये बंद है। आखिर मोदी सरकार सबकुछ क्यों बेचना चाह रही है। भाजपा ओएलएक्स हो गई है, सबकुछ बेचने पर तुली है। इसका विरोध देश के हर नागरिक को करना चाहिए। सरकार जिस रफ्तार से निजीकरण कर रही है अगर यह नहीं रुका तो बहुत जल्द पूरा देश निजी हाथों में आ जाएगा। हमें निजीकरण के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करनी चाहिए।
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