जिले के रघुनाथपुर थाना क्षेत्र में जहरीली शराब ने एक बार फिर कहर बरपाया है। बालगंगा गांव से शुरू हुई इस दर्दनाक घटना में अब तक पांच लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 15 लोग जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं। घटना के बाद पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि शराब पीने वाले 6 से 7 लोगों की आंखों की रोशनी पूरी तरह चली गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच तेज कर दी है।
जानकारी के अनुसार बुधवार शाम बालगंगा एवं आसपास के गांवों में लोगों ने शराब का सेवन किया था। गुरुवार को प्रमोद यादव की मौत के बाद मामला संदिग्ध प्रतीत हुआ, लेकिन शुक्रवार सुबह तक स्थिति भयावह हो गई। इलाज के दौरान परीक्षण मांझी और हीरालाल महतो समेत अन्य लोगों ने दम तोड़ दिया। एक अन्य व्यक्ति की मौत भी संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है। आशंका जताई जा रही है कि 30 से 40 लोगों ने जहरीली शराब का सेवन किया था, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ सकती है।
पीड़ित लक्ष्मीपुर गदरिया निवासी राजेंद्र कुमार ने बताया कि शराब पीने के करीब आधे घंटे बाद ही उनकी आंखों के सामने अंधेरा छाने लगा। सदर अस्पताल के चिकित्सक डॉ. अनूप गौतम ने बताया कि अस्पताल पहुंचे अधिकांश मरीजों में आंखों की रोशनी प्रभावित होने के लक्षण पाए गए हैं। फिलहाल 15 मरीजों का इलाज चल रहा है, जिनमें तीन की हालत अत्यंत गंभीर बनी हुई है।
घटना के बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया है। मृतक प्रमोद यादव के परिजनों की शिकायत पर हत्या का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने मुख्य साजिशकर्ता नागा राय को हिरासत में लिया है तथा छह अन्य संदिग्ध तस्करों को भी गिरफ्तार किया गया है। साथ ही परसौना पंचायत के चौकीदार भरत राय को निलंबित कर दिया गया है।
मामले की गहन जांच के लिए सदर एसडीपीओ के नेतृत्व में विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। एसपी के निर्देश पर साइबर डीएसपी और डीआईयू की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि जहरीली शराब की खेप कहां से आई और इसका मुख्य सप्लायर कौन है।
प्रशासन ने अपील की है कि जो लोग सामाजिक भय या पुलिस के डर से निजी अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं, वे तुरंत सामने आकर सरकारी अस्पताल में इलाज कराएं, ताकि समय रहते उनकी जान बचाई जा सके।
Post a Comment