कटिहार। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर हुए भीषण अग्निकांड के 48 घंटे बाद जब कांग्रेस के कद्दावर नेता एवं कटिहार के सांसद घटनास्थल पर पहुंचे, तो उन्हें पीड़ित व्यवसायियों के भारी आक्रोश का सामना करना पड़ा। मुआवजे और त्वरित राहत की मांग को लेकर लोगों ने सांसद के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और “मुर्दाबाद” के नारे लगाए। इस दौरान स्थिति काफी तनावपूर्ण रही और सांसद को फजीहत झेलनी पड़ी।
सांसद अग्निकांड में प्रभावित दुकानदारों से मिलकर हालात का जायजा ले रहे थे। लेकिन स्थानीय व्यवसायियों का आरोप था कि हम लोगों का छती का सही से आकलन किए भी नहीं और जाने लगे तथा घटना के के बाद कोई ठोस राहत नहीं दी गई है। लोगों का कहना है कि उनके सामने खाने-पीने का संकट खड़ा हो गया है, ऊपर से बैंक के कर्ज की चिंता अलग सता रही है।
विधायक विजय सिंह ने प्रशासन के साथ किया निरीक्षण
बाद में बरारी विधायक विजय सिंह अनुमंडल पदाधिकारी प्रद्युम्न सिंह यादव ,डीएसपी रंजन कुमार सिंह, वीडीओ कुमारी प्रियंवदा,अंचल पदाधिकारी सुश्री अनुपम, थाना अध्यक्ष राकेश कुमार सहित अन्य आला अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने एक-एक दुकान और प्रभावित परिवारों से मिलकर नुकसान का बारीकी से आकलन किया।
विधायक ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री से मिलकर पीड़ितों को जल्द से जल्द सरकारी सहायता दिलाने की मांग की गई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार द्वारा जो भी संभव सहायता होगी, वह दिलाई जाएगी। तथा इस अग्निकांड की समुचित जांच कराई जाएंगी।
एसडीओ प्रद्युम्न सिंह यादव ने बताया कि संबंधित पदाधिकारियों को नुकसान का आकलन करने के निर्देश दे दिए गए हैं। हर बिंदु पर जांच की जाएगी उन्होंने यह भी कहा कि “हाट” के नाम पर किसी प्रकार की अवैध वसूली हुई है या नहीं, इसकी भी जांच कराई जाएगी।
रोते-बिलखते दिखे पीड़ित, महिलाओं की हालत सबसे खराब
जिस जगह कभी हजारों लोगों की भीड़ रहती थी, वहां अब सन्नाटा पसरा है। जली हुई दुकानों के बीच खड़े दुकानदार अपनी बर्बादी को देख रो रहे हैं। मीडिया के पहुंचते ही लोग अपनी-अपनी दुकान की राख की ओर इशारा कर अपना दर्द बयां कर रहे थे।
कई महिलाओं की आंखें नम थीं। वे चूड़ी और कपड़ों की दुकान चलाकर अपने परिवार का गुजर-बसर करती थीं। अब उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। लोगों का कहना है कि प्राइवेट बैंक से लोन लेकर दुकान चलाई जा रही थी, अब किस तरह कर्ज चुकाया जाएगा—यह बड़ी चिंता है।
स्थानीय लोगों की मांग बड़ी दमकल
तत्काल मुआवजा और राहत सामग्री
सड़क चौड़ीकरण
पक्की दुकानों का निर्माण
अग्निकांड की उच्चस्तरीय जांच
48 घंटे बीत जाने के बाद भी राहत नहीं मिलने से लोगों में गहरा आक्रोश है। वही स्थानी लोगों का कहना है नगर पंचायत घोषित हो गया हम लोग टैक्स देते हैं मगर कोई सुविधा उपलब्ध नहीं है और धरातल पर सही ढंग से नहीं उतर पाई है। 2 साल पूर्वी घटना हुई थी उसे समय भी दमकल की गाड़ी की मांग की गई थी किसी ने संज्ञान नहीं लिया।
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