अमौर/सनोज
पूर्णिया: अमौर प्रखंड में कई विद्यालयों के भवनों की स्थिति काफी जर्जर है जी हां प्रखंड क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय पलसा में बच्चों की संख्या जहां 300 से अधिक है। जिसे विद्यालय में छात्रों को बैठाने के लिए महज एक ही कमरा है। वही टीन बांस इत्यादि के बने घरों में बच्चों को पढ़ाया जाता है ऐसे में बरसात आंधी के समय बच्चों को काफी डर समाया रहता है। इस विद्यालय में हालांकि शिक्षकों की संख्या भी पर्याप्त है लेकिन भवन निर्माण ना होने के कारण बच्चों में व्यापक कठिनाइयां होती है
शिक्षकों के द्वारा कई बार भवन निर्माण को लेकर विभाग को कहा गया लेकिन इस और अब तक किसी का ध्यान नहीं जा रहा है। विद्यालय के प्रधानाध्यापक शाहनवाज ने बताया कि यदि भवन का निर्माण हो जाए तो बच्चे आसानी से शिक्षा ग्रहण कर सकेंगे। वहीं दूसरी ओर प्राथमिक विद्यालय परसराई का भी वही हाल है यहां महज 2 कमरे हैं 2 कमरों में 278 बच्चे विद्यालय में नामांकित हैं जहां बच्चे जर्जर भवनों में पठन-पाठन करने को मजबूर है। भवन का छत का प्लास्टर झरने लगा है। ग्रामीणों के अनुसार इस विद्यालय का निर्माण 1958 में हुआ था तब से यही स्थिति में है
हालांकि 2008 में विद्यालय में 2 कमरों का भवन अतिरिक्त बनना शुरू हुआ लेकिन क्या कारण है जो अब तक यह भवन अधूरा पड़ा हुआ है?इस संबंध में विद्यालय प्रधानाध्यापक ने बताया कि शिक्षा विभाग को कई मर्तबा आवेदन भी दी गई है लेकिन विभाग की ओर से कोई पहल नहीं की जा रही है। स्थानीय ग्रामीण गुफरान ने बताया कि लगता है शिक्षा विभाग जब तक कोई दुर्घटना ना हो जाए इसकी नींद नहीं खुलेगी।



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